मुज़फ्फरनगर। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट)/अपर सत्र न्यायाधीश काशिफ शेख की अदालत ने धोखाधड़ी के आरोपी जुहैब हसन खान की जमानत याचिका खारिज कर दी है। जुहैब पर कार खरीद-बिक्री में धोखाधड़ी और रकम हड़पने का आरोप है।
विवरण के अनुसार मेरठ निवासी जुहैब हसन खान मंसूरपुर क्षेत्र के कार शोरूम में काम करता था। शिकायत मंसूरपुर थाने में दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता इमरान अली ने बताया कि बेगराजरपुर स्थित आइकॉनिक किआ शोरूम से उन्होंने एक सोनेट कार खरीदी थी।
वादी ने कोर्ट में बताया कि उन्होंने कंपनी के खाते में आठ लाख और 57 हजार रुपये जमा किए थे। साथ ही साढ़े तीन लाख रुपये की स्विफ्ट डिजायर कार की भी राशि जमा थी। मिलने वाली सोनेट कार पर अस्थायी नंबर फर्जी था और 18 नवंबर 2024 को उन्हें ऐसी ही सोनेट दी गई।
अभियोग और पिछला रिकॉर्ड
आरोप है कि बाद में वादी ने 1,16,090 रुपये ऑनलाइन जमा कर आरटीओ देहरादून से कार का पंजीकरण कराया। प्रकरण में अभियोजन ने बताया कि जुहैब हसन खान के खिलाफ वर्ष 2025-26 में कारों की खरीद-बिक्री से जुड़ी धोखाधड़ी के कुल 13 अभियोग पहले से पंजीकृत हैं।
कोर्ट को बताया गया कि पहले भी इसी तरह के मामलों में जुहैब की जमानत याचिका निरस्त हो चुकी है। अदालत ने तथ्यों और आरोपों का हवाला देते हुए इस बार भी जमानत मंजूर नहीं की।
मंसूरपुर थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर आगे की जांच जारी है और पुलिस संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। प्रभावित ग्राहक और अन्य संभावित शिकायतकर्ताओं को थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा गया है।
आगे क्या होगा: मामले की सुनवाई अदालत में चलती रहेगी और अभियोजन-पक्ष अपनी दलीलें पेश करेगा। पीड़ितों को दस्तावेज और रसीदें संभाल कर रखने की सलाह दी जा रही है ताकि जांच में मदद मिल सके।
स्रोत: अमर उजाला

