मुज़फ्फरनगर। रूस में लापता तीन युवकों के परिजन दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिले और अपने बेटों को सकुशल घर लाने की गुहार लगाई। परिजनों ने रक्षा मंत्री को पत्र भी दिया और कार्रवाई की मांग की।
तीनों युवक पिछले साल अगस्त में मास्टर्स स्टडी वीजा पर मास्को गए थे। वे हैं: चरथावल ब्लॉक के पीपलशाह के शक्ति पुंडीर, बाढ़ के हिमांशु शर्मा और शामली के गांव हसनपुर लुहारी के आशु कुमार। जुलाई में तीनों लापता हो गए और 30 जुलाई के बाद से उनके फोन स्विच ऑफ हैं।
दूतावास की जानकारी और परिजनों की बेचैनी
परिजनों को भारतीय दूतावास से जो जानकारी मिली, उसने उनकी बेचैनी बढ़ा दी। दूतावास के प्रथम सचिव हरदेश गिरी ने बताया कि रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार शक्ति पुंडीर ने 17 जुलाई को रूसी संघ में सशस्त्र बलों में एक वर्ष की अवधि के लिए सैन्य सेवा अनुबंध किया था। साथ ही बताया गया कि आठ अगस्त से वह लापता हैं।
परिजनों को अब तक तीनों की कोई लोकेशन नहीं मिल पाई है और न ही उनसे कोई संपर्क हुआ है। बिरालसी निवासी रिश्तेदार मोहित राणा ने भी दूतावास से ई-मेल भेजकर रूस के अधिकारियों से शक्ति पुंडीर को मुक्त कराने का आग्रह किया था। इस जानकारी के बाद परिजन और परिचित मायूस हैं।
परिजनों में पीपलशाह निवासी विपिन पुंडीर, सोनू शर्मा बाढ़ और हसनपुर लुहारी के राकेश कुमार शामिल थे। उन्होंने कहा कि हर पल अपने बेटों की घर वापसी का इंतजार कर रहे हैं और उनकी आंखें पथरा गई हैं।
दिल्ली में हुई मुलाकात में परिजनों के साथ पूर्व गन्ना मंत्री सुरेश राणा, शामली जिला पंचायत सदस्य मेनपाल और संजय सैनी भी मौजूद रहे। परिजनों ने रक्षा मंत्री को पत्र देकर बच्चों को मुक्त कराने की गुहार लगाई। रक्षा मंत्री ने कार्रवाई कराने का भरोसा दिया है।
अब परिजन दूतावास और सरकार की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। जिन लोगों के पास इस मामले से जुड़ी जानकारी हो, वे संबंधित अधिकारियों को सूचित करें ताकि जल्दी से जल्दी तीनों युवाओं का सुराग मिल सके।
स्रोत: अमर उजाला

