रामपुर। छह लाख रुपये का लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर 2,86,700 रुपये नकद निकालने का मामला सामने आया है। डीवाई लॉजिस्टिक्स के प्रोपराइटर पवन खनेजा ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत के अनुसार 25 अगस्त को तौफीक हुसैन ने पवन को फोन कर बताया कि वह श्रीराम फाइनेंस, मुरादाबाद से लोन कराने में मदद करेगा। टाटा ऐस कमर्शियल वाहन के लिए छह लाख रुपये के लोन की बात करते हुए पैन कार्ड, आधार और बैंक स्टेटमेंट मांगा गया। फाइल चार्ज के नाम पर 299 रुपये के कैंसिल चेक देने को कहा गया और 29 अगस्त को संदीप कुमार पांडेय चेक लेकर चला गया।
बदल दिया गया चेक का विवरण
पवन ने बताया कि उसने चेक श्रीराम फाइनेंस के नाम सिर्फ 299 रुपये के लिए काटा था। बाद में बैंक में चेक पेश होने पर नाम बदलकर संदीप कुमार पांडेय और रकम 2,86,700 रुपये कर दी गई। उसने आरोप लगाया कि चेक के कुछ हिस्से कैमिकल से मिटाकर दूसरे पेन से नए विवरण भरे गए।
दो दिन तक पूछे गए मोबाइल नंबर बंद होने पर पवन को शक हुआ। एक सितंबर को जब वह बैंक गया तो उसे पता चला कि उसी चेक के जरिए उसकी बचत खाता से नकद राशि निकाल ली गई है।
सीओ सिटी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि सिविल लाइंस पुलिस ने तहरीर पर तौफीक हुसैन, संदीप कुमार पांडेय और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की सिविल लाइंस शाखा के शाखा प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में चेक की असलियत और बैंक में चेक कैसे प्रस्तुत हुआ, यह देखना है।
स्थानीय कारोबारी चिंतित हैं और बैंकिंग व्यवहार में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। पुलिस ने लोगों से कहा है कि किसी भी शंका पर तुरंत बैंक और थाने से संपर्क करें और अनजान लोगों को संवेदनशील दस्तावेज न दें। आगे की जांच में पवन के खाते से निकासी के वेरिफिकेशन और चेक पर हुए संशोधनों की फोरेंसिक जांच कराई जा सकती है।
स्रोत: अमर उजाला

