रामपुर। फैमिली आईडी बनाने के अभियान में रामपुर जिले ने लगातार चौथी बार प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त कर लिया है। यह रैंकिंग सितंबर माह की प्रदेश स्तरीय सूची पर आधारित है।
जिले ने निर्धारित लक्ष्य 1,05,502 के मुकाबले कुल 1,27,450 फैमिली आईडी बनाकर लक्ष्य का 120.80 प्रतिशत हासिल किया। जिले को 69.46 प्रदर्शन अंक मिले। बरेली 68.52 अंक के साथ दूसरे, बिजनौर 58.90 अंक के साथ तीसरे और बुलंदशहर 55.81 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहे।
अभियान में समीक्षा और निर्देश
जिलाधिकारी ने बताया कि साप्ताहिक समीक्षा से अभियान को रफ्तार मिली। अधिकारियों को नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा कर फैमिली आईडी बनाने में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
फैमिली आईडी का उद्देश्य उन परिवारों को डिजिटल पहचान उपलब्ध कराना है जिनके पास राशन कार्ड नहीं है। इस पहचान में परिवार के सदस्यों का पूरा विवरण एक ही पहचान से जुड़ता है।
इस प्रणाली से सरकारी योजनाओं में पात्रता सत्यापन और लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया आसान होगी। पेंशन, छात्रवृत्ति, आर्थिक सहायता, रोजगार व कौशल विकास योजनाओं के साथ मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, शादी अनुदान और आयुष्मान जैसी योजनाओं में आवेदन और सत्यापन में सुविधा मिलेगी।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि फैमिली आईडी से वंचित परिवारों की पहचान कर उनका पंजीकरण कराया जाए। जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें फैमिली आईडी बनवाने के लिए प्रेरित और मदद की जाएगी।
“फैमिली आईडी से पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि फैमिली आईडी से वंचित परिवारों को चिह्नित कर उनका पंजीकरण कराया जाए। जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है, वे फैमिली आईडी बनवाएं, ताकि योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा हो।” – अजय कुमार द्विवेदी, जिलाधिकारी, रामपुर
अब विभाग आने वाले हफ्तों में घर-घर सर्वे और पंजीकरण को और तेज करेगा। जिन लोगों को जानकारी चाहिए, वे नज़दीकी ब्लॉक कार्यालय या पंचायत से संपर्क कर सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

