रामपुर मनिहारान। भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक की मासिक बैठक में भूमि अधिग्रहण का मामला प्रमुख रूप से उठा। बैठक मंडी समिति परिसर, देवबंद रोड में आयोजित हुई जिसमें जिले भर के किसान शामिल हुए।
प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी जगपाल सिंह ने बैठक में स्पष्ट कहा, “किसान भूमि अधिग्रहण का पूर्ण रूप से विरोध करते हैं। किसी भी सूरत में किसान अपनी जमीन नहीं देंगे।” अन्य नेताओं ने भी सरकार की नीतियों पर आक्रोश जताया।
बैठक में उठी प्रमुख मांगें
प्रदेश सचिव ठाकुर शेरपाल राणा और ब्लॉक अध्यक्ष राजू चौधरी ने कहा कि सरकार खेती किसानी को उजाड़ने की कोशिश कर रही है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक के बाद जिलाधिकारी/एसडीएम योगेश कुमार गौड़ को चौधरी जगपाल सिंह के नेतृत्व में एक ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में मांग की गई कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह रोकी जाए। साथ ही बाजार में बिक रहे नकली पेस्टिसाइड पर पूर्ण रोक लगाने, गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल करने और बजाज शुगर मिल से किसानों का बकाया भुगतान अति शीघ्र कराया जाने की भी माँग रखी गई।
ज्ञापन में तहसील परिसर में पार्किंग की व्यवस्था कराने और शहरीपुल पर लगने वाले जाम का समाधान करने की भी माँग शामिल थी। ज्ञापन देने वालों में मुकुल चौधरी, फरमान चौधरी, रजनीश सैनी, राशिद चौधरी, सतेंद्र चौधरी, सूर्य प्रताप, जमशेद प्रधान, मांगेराम, श्याम सिंह, जसबीर, श्याम राणा, वेदपाल राणा, अशोक आदि मौजूद रहे।
आगे की कार्रवाई और असर
किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि अगर मांगों पर तुर्की प्रतिक्रिया नहीं मिली तो वे आवश्यक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। मंडी कमर्शियल गतिविधियों और स्थानीय किसानों पर इसका असर आगामी दिनों में देखा जा सकता है। प्रशासन से अब इस ज्ञापन पर समय पर जवाब की अपेक्षा जताई गई है।
स्रोत: अमर उजाला

