देवबंद। सरकारी जमीन पर संचालित मदरसों, मस्जिदों और मजारों से जुड़े मामले में सोमवार को तहसीलदार कोर्ट में लेखपालों के बयान दोबारा दर्ज किए गए। यह सुनवाई देवबंद तहसील के तहत आने वाले इलाकों से संबंधित भूमि विवाद से जुड़ी है।
कोर्ट ने पहले पक्षों से भूमि से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा था। इसके बाद मुतवल्लियों और प्रबंधकों ने अपने भू-अभिलेख कोर्ट में दाखिल किए थे। इसी जांच के क्रम में लेखपालों के बयान रिकॉर्ड किए गए।
नोटिस पाने वाले नाम
जुलाई माह में कुल छह मुतवल्ली और प्रबंधकों को धारा 67 के तहत नोटिस जारी किए गए थे। इनमें सोहनचिड़ा गांव की अक्सा मस्जिद के मुतवल्ली अहसान और पंडोली नागल की मदीना मस्जिद के प्रबंधक रिजवान शामिल थे।
- छलौली स्थित मदरसा दारुस्सलाम के प्रबंधक तौसीफ
- अंबेहटा शेखा स्थित मदरसे के मुतवल्ली मुर्तजा
- पहाड़पुर की मस्जिद के मुतवल्ली हाफिज गुलबहार
- अंबेहटा शेखां की मस्जिद के मुतवल्ली मोहतशिम
पहली जिरह इस प्रकरण में 14 सितंबर को हुई थी। सोमवार की सुनवाई में ग्राम समाज के लेखपालों के बयान पुनः दर्ज कराए गए और कोर्ट ने मामले को आगे की तफ्तीश के लिए लंबित रखा।
पड़ोसी और प्रभावित लोग सुनवाई के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। जिन स्थानों पर नोटिस जारी किए गए हैं वहां के स्थानीय लोग और मुतवल्ली कानूनी प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों पर नजर रखे हुए हैं।
आगे की प्रक्रिया
कोर्ट ने अब अगली सुनवाई 5 अक्तूबर के लिए निर्धारित की है। उस तारीख पर पक्षकारों को फिर से दस्तावेज और मौके से जुड़ी जानकारी पेश करने को कहा जा सकता है।
मामले की प्रकृति धार्मिक स्थानों के संचालन से जुड़ी होने के कारण स्थानीय माहौल पर भी नजर रखी जा रही है और प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी स्थानीय लोगों तक पहुंचाई जा रही है।
स्रोत: अमर उजाला

