सहारनपुर। कान्हा उपवन गौशाला ने गोबर से बनाए गए सीड बॉल का नया प्रयोग शुरू किया है और इन्हें ऑनलाइन भी बेचना शुरू कर दिया है। सीड बॉल की कीमत मात्र 10 रुपये रखी गई है और इन्हें Amazon पर खरीदना संभव है।
सीड बॉल देसी गाय के गोबर से बनाए जा रहे हैं जिनके अंदर फूल और सब्जियों के बीज भरे गए हैं। मिट्टी में डालने पर यह गोबर खाद का काम करेगा और अनुकूल हालात में बॉल के भीतर मौजूद बीज अंकुरित होकर फूल या सब्जियां उगा सकते हैं।
गौशाला और उत्पादन
गौशाला सहारनपुर नगर निगम की ओर से सावलपुर नवादा गांव में संचालित है। यहां सड़कों पर घूमने वाले 550 से ज्यादा गौवंश का संरक्षण किया जा रहा है। गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोबर और गोमूत्र से अलग‑अलग उत्पाद बनाए और बेचे जा रहे हैं।
सीड बॉल इसी उत्पाद श्रृंखला का हिस्सा है। गौशाला से जुड़े लोगों के अनुसार इसका मकसद लोगों को हरियाली बढ़ाने के लिए एक आसान और सस्ता विकल्प देना है। खाली जगहों या कूड़े-कचरे वाले स्थानों पर भी इन्हें डालकर वहां पौधे उगने की संभावना बढ़ाई जा सकती है।
एक सीड बॉल में अलग‑अलग फूलों और सब्जियों के बीज शामिल हैं। रिपोर्ट में गेंदे के साथ इलायची, लौंग, हरी मिर्च, लौकी, तोरई, भिंडी और बैंगन जैसे पौधों के बीज बताए गए हैं। गोबर से बनी बॉल मिट्टी में मिलकर जैविक खाद का काम करेगी और बीज उचित नमी मिलने पर अंकुरित होंगे।
गौशाला में सीड बॉल बनाते हुए श्रवण कुमार ने बताया कि पहले से ही देसी गाय के गोबर से कई उत्पाद बनाए जा रहे हैं और अब रोजाना सैकड़ों सीड बॉल तैयार किए जा रहे हैं। इनकी बिक्री ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन भी की जा रही है और ऑर्डर अलग‑अलग राज्यों से आ रहे हैं।
श्रवण कुमार के अनुसार सीड बॉल के लिए हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों से ऑर्डर मिल रहे हैं। 10 रुपये की यह बॉल गौशाला की आय बढ़ाने और गोबर के उपयोग को बढ़ावा देने की कोशिश है।
आगे क्या होगा
गौशाला की योजना है कि उत्पादन और बिक्री बढ़ाकर और भी अधिक राज्यों तक यह उत्पाद पहुंचाया जाए। पाठक Amazon पर जाकर खरीद सकते हैं और स्थानीय खाली जगहों पर इन्हें डालकर हरियाली बढ़ा सकते हैं।
स्रोत: प्रभात खबर

