सहारनपुर। सपा सांसद इकरा हसन की टिप्पणी के बाद कांग्रेस के राहुलवादी नेता और सांसद इमरान मसूद ने बुधवार को सशक्त अंदाज में पलटवार किया। मसूद ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस किसी से गठबंधन की भीख नहीं मांग रही है और पार्टी अपना काम कर रही है।
इमरान मसूद ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी बात कहने की आजादी है और कांग्रेस अपने काम पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा, “जब बारात निकलती है, तो कई ढोल बजाने वाले होते हैं, साथ ही नाचने-गाने वाले भी होते हैं। इन लोगों को नाचने-गाने दीजिए। हम अपने काम पर ध्यान दे रहे हैं।”
मसूद के बयान की प्रमुख बातें
इमरान मसूद ने पहले भी राहुल गांधी की तारीफ की थी। उनके शब्दों में, “लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ही ऐसे विपक्षी नेता हैं, जिनकी राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच है और जो भाजपा को चुनौती देने में सक्षम हैं।” मसूद ने सपा के कुछ नेताओं के तंज पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने एजेंडे पर काम कर रही है।
उन्होंने सपा विधायक शिवपाल यादव के कथित बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि इटावा, मैनपुरी और सैफई जैसे सपा के गढ़ों में कांग्रेस को कोई वोट नहीं मिलेगा। मसूद ने कहा, “शिवपाल यादव जो कह रहे हैं, वह उनकी अपनी पार्टी में ही अप्रासंगिक हो गया है।”
घटना ने स्थानीय राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है। कुछ नेताओं ने कांग्रेस के बयानों को गठबंधन पर दबाव डालने की कोशिश बताया तो कई समर्थक मसूद के रुख से संतुष्ट दिखे। चर्चा में यह भी बताया जा रहा है कि बयानबाजी से मतदाता स्तर पर असर पड़ सकता है।
सहारनपुर के राजनीतिक पर्यवेक्षक कहते हैं कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले ऐसे बयान आगे भी आते रहेंगे। रामाशंकर राजभर ने बिना नाम लिये कहा कि कांग्रेस के कुछ नेताओं के बयान आगामी विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को नुकसान पहुंचा सकते हैं और भाजपा को फायदा हो सकता है। राजभर ने कहा कि सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन का फैसला राहुल गांधी और अखिलेश यादव करेंगे।
अगले कुछ दिनों में दोनों दलों के शीर्ष नेता बैठक कर स्थिति पर विचार कर सकते हैं। स्थानीय कार्यकर्ता और मतदाता इन बयानों पर नजर रखें और अगले राजनीतिक घटनाक्रम के लिए तैयार रहें।
स्रोत: अमर उजाला

