शाहजहांपुर। जिले में लगातार बारिश के बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और कुछ इलाकों में पानी गलियों तक पहुंच गया है। सिंचाई विभाग की रिपोर्ट में शनिवार रात आठ बजे खन्नौत नदी का जलस्तर 145.15 मीटर गेज बताया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार खतरे का निशान 145.75 मीटर गेज है, यानी खन्नौत नदी खतरे के सिरों पर करीब आ चुकी है। उसी रिपोर्ट में कहा गया है कि उस समय नदी का जलस्तर 60 सेमी था। दियूनी बैराज से शनिवार रात को 25,966 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
नदियों का हाल और आंकड़े
रविवार सुबह आठ बजे जारी अपडेट में कहा गया कि खन्नौत नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेमी नीचे था। गर्रा नदी खतरे के निशान से 2.70 मीटर नीचे रही, खतरे का निशान 148.80 मीटर गेज बताया गया है। बाद में रविवार सुबह आठ बजे गर्रा नदी का जलस्तर 1.30 मीटर नीचे होकर 1455.40 मीटर गेज दर्ज किया गया।
मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले 40 घंटों में जिले में 255 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है और शनिवार पूरे दिन बारिश होती रही। रविवार को भी राहत नहीं मिली और दोनों नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से 9.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री कम दर्ज किया गया।
डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि सितंबर में सामान्य बारिश 164 मिलीमीटर होती है, जबकि इस महीने अब तक करीब 500 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है। वे जोड़ते हैं कि सात सितंबर को 12 घंटे में 224 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई थी, और 1986 का रिकॉर्ड देखने पर इतनी अधिक 12-घंटे की बारिश पहले नहीं मिली।
किसे सतर्क रहना चाहिए
लगातार बढ़ते जलस्तर और दियूनी बैराज से छोड़े गए पानी के मद्देनजर निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोग सतर्क रहें। प्रशासन और सिंचाई विभाग की ओर से आने वाले निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक रूप से नदी किनारे न जाएं।
स्रोत: अमर उजाला

