शाहजहांपुर। गर्रा और खन्नौत नदी के जलस्तर में कमी आने के बाद जिले के निचले इलाकों से जलभराव धीरे-धीरे मिट रहा है। सुभाषनगर मोहल्ले में पानी उतर जाने से वहां के निवासियों ने राहत की सांस ली है।
सिंचाई विभाग के बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार को शाम चार बजे तक गर्रा नदी खतरे के निशान से नीचे आ गई। इसी कारण सुभाषनगर मोहल्ले के घरों के सामने बहता पानी खत्म हो गया। फिर भी कुछ खाली पड़े प्लॉट और निचले स्थानों में पानी जमा हुआ है।
लोधीपुर में सावधानी अभियान
लोधीपुर मोहल्ले में भी जलस्तर कम हुआ है। वहां के पार्षद रुपेश वर्मा अन्नू ने मच्छरों और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए लार्वा निरोधक दवा का छिड़काव व फॉगिंग का अभियान शुरू कराया। नगर निगम की टीमों ने छिड़काव कराए और फॉगिंग कर मच्छर प्रजनन घटाने का काम शुरू कर दिया।
जिले के प्रशासन ने साफ-सफाई और स्वास्थ्य के इंतज़ामों पर ध्यान दिया है। जिला मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, “जहां पानी कम हुआ है, वहां नगर आयुक्त को साफ-सफाई और एंटी लार्वा का छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ को भी कैंप लगाने के लिए कहा है।”
नगर आयुक्त के कार्यालय ने प्रभावित इलाकों में कचरा व गंदगी हटाने के आदेश दिए हैं ताकि बाद में जमा पानी से होने वाली समस्याओं से बचा जा सके। सीएमओ की टीमों को क्षेत्रीय स्वास्थ्य शिविर चलाकर बुखार या संदिग्ध शिकायतों पर नजर रखने को कहा गया है।
स्थानीय लोग अब घरों के आसपास पानी खड़ा न रखकर और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन ने भी लोगों से कहा है कि वे पक्के और खाली प्लॉटों में पानी जमा न होने दें और संदिग्ध बीमारियों की सूचना तुरंत स्वास्थ्य केंद्र या नगर निगम को दें।
आगे की कार्रवाई में जिन इलाकों में अभी भी पानी जमा है, वहां और सक्रिय रूप से ड्रेनेज व साफ-सफाई कराई जाएगी और एंटी लार्वा छिड़काव को जारी रखा जाएगा। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के मुताबिक और कदम उठाए जाएंगे।
स्रोत: अमर उजाला

