शाहजहांपुर। मौसम बदलने के बाद मौसमी बीमारियाँ बढ़ने से राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। शनिवार को ओपीडी खुलते ही लंबी कतारें लग गईं और जगह कम होने के कारण बुजुर्ग व कमजोर मरीज फर्श पर बैठकर या लेटकर इलाज का इंतजार करते दिखे।
मेडिकल कॉलेज में कुल 430 बेड हैं और वर्तमान में 427 मरीज भर्ती हैं। हालात दबाव वाले होने पर वार्डों में अतिरिक्त बेड लगवा दिए गए हैं। अस्पताल के आँकड़ों के अनुसार 28 सितंबर को 2081, 29 सितंबर को 2011, 30 सितंबर को 1923 और एक अक्टूबर को 1562 मरीज ओपीडी में आए। तीन अक्टूबर को ओपीडी में 2001 मरीज पहुंचे।
रेफर और व्यवस्थागत दबाव
मेडिकल कॉलेज में बढ़ती भीड़ का एक बड़ा कारण सीएचसी-पीएचसी से रेफर की संख्या है। सामान्य बीमारी वाले मरीज भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से मेडिकल कॉलेज भेजे जा रहे हैं, जिससे ओपीडी और भर्ती दोनों पर दबाव बढ़ा है। 28 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच भर्ती के आँकड़े भी बढ़ते दबाव को दिखाते हैं।
भीड़ के कारण तीमारदारों को अपने मरीजों को स्ट्रेचर से खुद वार्ड तक ले जाना पड़ रहा है। कई मरीज और तीमारदार घंटों लाइन में लगने के बाद थक जाते हैं। सिंधौली की सुनीता, जलालाबाद की वेदवती और शहर की नेहा ने बताया कि सुबह आठ बजे आ गए थे। 11 बजे तक केवल पर्चा ही बनवा पाए हैं।
कुछ मरीजों ने अपनी बात बताते हुए कहा, “पत्नी नन्ही देवी की तबीयत ठीक नहीं है। सुबह आठ बजे जलालाबाद से मेडिकल कॉलेज आ गए थे। भीड़ के चलते 11 बजे तक पर्चा ही बन पाया है। अब डाॅक्टर को दिखाने के लिए लाइन में लगना पड़ेगा।” रामबेटी से आए मदनपाल ने कहा, “गिर जाने से शरीर में काफी तकलीफ है। सीएचसी से मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। यहां सुबह से आए हुए हैं। दोपहर के 12 बज गए हैं लेकिन भीड़ के चलते अब तक डॉक्टर को नहीं दिखा पाए हैं।”
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि पर्चा बनवाने की लंबी लाइनों को कम करने के लिए आठ नए रजिस्ट्रेशन काउंटर खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि “इस पूरी परियोजना के लिए 67 लाख रुपये का प्रस्ताव पास हो चुका है।” उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सरोज कुमार ने कहा, “मौसम बदलने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी है। सीएचसी-पीएचसी सहित गैर जनपदों के मरीज भी मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। सभी मरीजों का इलाज करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।”अगले दिनों में पर्चा काउंटर खुलने और व्यवस्थाओं के सुधार से इंतजार और लाइनें कम होने की उम्मीद है।
स्रोत: अमर उजाला

