शाहजहांपुर। लगातार बारिश के बाद शहर में बिजली आपूर्ति रविवार तड़के फिर पटरी पर आ गई, जबकि ग्रामीण इलाके अभी भी अंधेरे और पानी की समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई फीडरों में लाइन और खंभे खराब होने से आपूर्ति कई जगह बाधित रही।
नगर में आपूर्ति बहाल करने के काम में बहादुरगंज उपकेंद्र की 33 केवीए लाइन में आए फॉल्ट का सामना हुआ। मऊ बासक और मोक्षधाम क्षेत्र में खन्नौत नदी के जलस्तर बढ़ने के कारण 33 केवीए लाइन का फॉल्ट तलाशना सम्भव नहीं हो पाया। गोविंदगंज उपकेंद्र से लाइन जोड़कर शहर की आपूर्ति बहाल कर दी गई।
उपकेंद्र और फीडर की मरम्मत
सोमवार को अब्दुल्लागंज उपकेंद्र पर शाम चार बजे 11 केवीए पैनल पर काम कराया गया था, जिससे एक घंटे तक बिजली बाधित रही। अटसलिया उपकेंद्र के मुकरमपुर फीडर की आपूर्ति भी बारिश से प्रभावित हुई थी, लेकिन अवर अभियंता संजीव शर्मा की टीम ने गश्त कर पेड़ों से टूटे हुए हिस्सों और लाइन की मरम्मत कर तीन बजे फीडर चालू कर दिया।
निगोही उपकेंद्र के तालगांव में शुक्रवार शाम से गुल रहे सप्लाई को सोमवार दोपहर 12 बजे शुरू किया गया था, पर तीन घंटे बाद फिर ठप हो गई और शाम सात बजे तक कई जगह बिजली नहीं आई। पाली फीडर से जुड़े गांवों की आपूर्ति शुक्रवार दोपहर 12 बजे से बंद है।
तीनों जिलाई फीडरों में अनेक खंभे टूटने और तार क्षतिग्रस्त होने से गांवों में बिजली चौबीसों घंटे बहाल नहीं हो पाई। उमराह, भानपुर, बरेंडा समेत कई गांवों में चार दिन से बिजली नहीं है, जिससे सबमर्सिबल और मोटर न चलने से पानी का संकट पैदा हो गया है।
कुर्रियाकलां के नगलाजाजू गांव में ग्रामीणों ने जलालाबाद उपकेंद्र से जुड़े अफतियापुर फीडर पर 80 घंटे से बिजली न होने पर प्रदर्शन भी किया। एसडीओ सौरभ शाक्य ने बताया कि तेज हवा के कारण जलालाबाद से जुड़े फीडरों के 17 खंंभे टूटे हैं और मरम्मत के लिए कई टीमें लगी हुई हैं।
आगे की योजना
बिजली विभाग ने बताया कि शाखा और ब्रांच लाइनें बंद हैं और उन पर काम जारी है। विभाग का कहना है कि टीमों की कठिन मेहनत से मंगलवार की सुबह तक सभी गांवों में आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। ग्रामीणों को फिलहाल संभलकर चलने और बिजली संबंधी नुकसान की जानकारी सीधे स्थानीय विभाग को देने का निर्देश दिया गया है।
स्रोत: अमर उजाला

