श्रावस्ती। तराई इलाके में शुक्रवार को दूसरी बार लगातार बारिश हुई। मौसम ने खेतों से लेकर कस्बे के गली-मोहल्लों तक पानी भरवा दिया और राहगीरों व किसानों की मुश्किलें बढ़ीं।
बारिश से खेतों में पानी जम गया है और कई जगह धान की फसल गिरने लगी है। महदेईया निवासी जानकी प्रसाद और पदुमनाथ ने बताया कि धान में बालियां निकल चुकी थीं और हल्की बारिश की उम्मीद थी, लेकिन लगातार बारिश से वे चिंतित दिखे। कटरा निवासी स्वामीनाथ तिवारी ने कहा कि खेतों में पानी भरने से धान की फसल गिर गई है और इससे बालियां खराब होने व धान में थोथा बढ़ने की आशंका है।
फसलों पर असर
बेलहा राघव के उदय चंद मिश्रा ने चेतावनी दी कि अगर बारिश और बढ़ी तो गन्ने व मक्के की फसल भी गिर सकती है और उत्पादन प्रभावित होगा। किसान खेतों में खड़े पानी व कीचड़ की वजह से खेतों तक पहुंचने में भी परेशान हैं। बृहस्पतिवार तक हल्की बारिश से खुश दिखने वाले कई किसान अब लगातार बारिश से बेचैन हैं।
इकौना प्रतिनिधि के अनुसार इकौना सीएचसी के परिसर और वहां जाने वाले मार्ग पर जलभराव हो गया है। कस्बे की गलियों में भी पानी भरा हुआ है, जिससे मरीज और तीमारदार अस्पताल तक पहुंचने के लिए पानी से होकर आना- जाना कर रहे हैं।
व्यापारी कन्हैया कसौंधन ने व्यवस्था की कमी की वजह से समस्या बढ़ने की बात कही और बताया कि अनियोजित विकास कार्यों के कारण जलनिकासी ठीक से नहीं बन पाई। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन नालों का समय से पूरा होना जरूरी था। सभासद अर्जुन साहू ने कहा कि जलभराव से संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है।
आम लोगों को आवागमन में दिक्कतें आ रही हैं और कई जगह कीचड़ की वजह से सड़कें फिसलन भरी नजर आ रही हैं। अगर बारिश बनी रहती है तो फसलों व आवागमन पर और प्रभाव दिखने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन से नालों और नमी निस्तारण की तेज निगरानी व कार्य शुरू करने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्रोत: अमर उजाला

