श्रावस्ती। तराई व नेपाल के पहाड़ों पर चार दिन से हो रही तेज बारिश के चलते राप्ती नदी ने उफान ले लिया है। रविवार को नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान 127.50 मीटर से 115 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया।
राप्ती का जलस्तर और समयानुसार बदलाव
रविवार को सुबह चार बजे जलस्तर 128.25 मीटर था और दिन भर में यह लगातार बढ़ता गया। सुबह दस बजे 128.30 मीटर, सुबह ग्यारह बजे 128.40 मीटर, दोपहर बारह बजे 128.50 मीटर, दोपहर एक बजे 128.55 मीटर और दोपहर तीन बजे 128.65 मीटर दर्ज किया गया। शाम पांच बजे जलस्तर 128.85 मीटर और शाम सात बजे 128.95 मीटर पहुँच गया।
बाढ़ से प्रभावित इलाके
इकौना तहसील के जंगरावलगढ़ी, पुरुषोत्तमपुर, कोलभार मजगांवा, कोडरी दीगर और रामनगरा समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। जमुनहा तहसील क्षेत्र के वीरपुर सहित पांच से अधिक गांवों में भी पानी तेजी से घुस रहा है। प्रभावित इलाकों में आवागमन बाधित हो गया है और रास्तों पर तीन फीट से अधिक पानी बह रहा है।
कुछ प्रमुख असर ऐसे हैं:
- हजारों बीघा खेत जलमग्न हुए हैं और किसान फसल बर्बाद होने की आशंका में हैं।
- बारिश व बाढ़ से इकौना क्षेत्र में 12 से अधिक फूस के घर और 15 से अधिक घरों की दीवारें ढह गईं।
- मल्हीपुर-भिनगा मार्ग पिछले वर्ष कट चुका था; अब फिर कटने का खतरा मंडरा रहा है।
- दूरसंचार सेवाएं प्रभावित होने से अधिकारियों से संपर्क में दिक्कत आ रही है।
प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
प्रधान प्रतिनिधि महेश कुमार मिश्रा ने कहा, “पीड़ित परिवारों और उनके मवेशियों को सुरक्षित ऊंचे स्थान पर ठहराने की व्यवस्था की जा रही है।” अधिकारियों ने कहा है कि प्रभावितों को अस्थायी शरण व राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
स्थानीय लोग सड़क कटने और संपर्क टूटने से चिंतित हैं क्योंकि कटने पर जिले के मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो सकता है। लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने और जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन से मदद मांगने की सलाह दे रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

