श्रावस्ती। तराई में चार दिनों से हो रही झमाझम बारिश के बाद राप्ती नदी उफान पर है और बाढ़ ने इकौना व जमुनहा तहसील क्षेत्र में तबाही मची है। रविवार शाम से सोमवार तक 15 से अधिक गांवों में घरों, रास्तों और खेतों में पानी घुस गया है।
इकौना क्षेत्र में बाढ़ में फंसे 14 लोगों को एसडीआरएफ टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बाढ़ की वजह से मल्हीपुर‑भिनगा मार्ग के कटने का खतरा भी बढ़ गया था, लेकिन अधिकारियों ने जगह‑जगह बालू की बोरियां और मिट्टी डालकर कटान रोका।
रेस्क्यू और प्रशासनिक कार्रवाई
सूचना पर विधायक श्रावस्ती रामफेरन पांडेय, एसडीएम रवेंद्र कुमार, सीओ आलोक सिंह और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। इकौना के मझौवा शुमाल निवासी हनुमान प्रसाद रविवार शाम खेत में मचान पर सो गए थे और अचानक आई बाढ़ में फंस गए। सोमवार सुबह परिजन उन्हें निकाल न सके तो प्रशासन ने रेस्क्यू कर बचाया।
मध्यनगर में दो परिवारों के 13 लोग भी बाढ़ में फंस गए थे। आपदा विशेषज्ञ अरुण मिश्रा ने एसडीआरएफ की दो टीमें भेजकर उन्हें सुरक्षित निकालवाया। वीरपुर, शिकारी चौड़ा जैसे गांवों में भी पानी घुसा है। वीरपुर मोड़ के पास एसडीएम रवि प्रताप सिंह ने सड़क किनारे बालू की बोरियां और मिट्टी डालकर कटान रोकवाया।
जलस्तर और हालात
राप्ती का जलस्तर रिपोर्ट के मुताबिक रविवार‑रात आठ बजे खतरे के निशान 127.70 मीटर से 115 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा था। सोमवार शाम जलस्तर खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर अधिक था। अलग‑अलग समय पर नापे गए जलस्तर ऐसे दर्ज हैं:
- रविवार‑रात आठ बजे – 128.85 मीटर
- रविवार‑रात नौ बजे – 128.80 मीटर
- सोमवार‑सुबह आठ बजे – 128.45 मीटर
- सोमवार‑सुबह 10 बजे – 128.30 मीटर
- सोमवार‑सुबह 11 बजे – 128.25 मीटर
- सोमवार‑दोपहर एक बजे – 128.20 मीटर
- सोमवार‑दोपहर तीन बजे – 128.10 मीटर
- सोमवार‑शाम चार बजे – 128.10 मीटर
- सोमवार‑शाम पांच बजे – 128.20 मीटर
स्थानीय निवासियों ने बताया कि उनके घरों और विद्यालयों में रविवार से पानी भर गया है। वीरपुर निवासी अजय पाठक ने कहा कि उनका घर भी पानी में डूबा हुआ है और वे मदद की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
प्रशासन लगातार बाढ़ की स्थिति पर नजर रख रहा है और भ्रमण कर रेस्क्यू व बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। आवश्यक होने पर और निकासी व रिलीफ टीमों को तैनात करने की जानकारी दी गई है।
स्रोत: अमर उजाला

