महमूदाबाद। गोडैचा में लकड़ी मंडी को लेकर भाजपा विधायक और सपा के पूर्व मंत्री के बीच जुबानी तकरार तेज हो गई है। यह विवाद शनिवार को तब उभरा जब विधायक ज्ञान तिवारी जाम में फंस गए और दोनों पक्ष सोशल मीडिया पर आमने-सामने आ गए।
विधायक ज्ञान तिवारी शुक्रवार सुबह बाढ़ प्रभावित क्षेत्र रामपुर मथुरा का निरीक्षण करने जा रहे थे। गोडैचा चौराहे पर लकड़ी मंडी के कारण दोनों ओर लकड़ी लादने वाले वाहन खड़े होने से करीब 15 मिनट तक लंबा जाम लगा रहा, जिससे विधायक आगबबूला हो गए।
तत्काल कार्रवाई की मांग
जाम में फंसे रहने के बाद ज्ञान तिवारी ने एसडीएम महमूदाबाद, थानाध्यक्ष सदरपुर और वन रेंजर को फोन कर अवैध तरीके से चल रही लकड़ी मंडी हटाने और वहां लकड़ी लादने के लिए खड़े वाहनों को सीज करने के निर्देश दिए। पुलिस और प्रशासन द्वारा कार्रवाई शुरू किए जाने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मौके पर पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह वर्मा भी पहुंच गए और उन्होंने कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया। वर्मा ने लकड़ी मंडी से ही लाइव होकर विधायक पर हमला बोला और अपना पक्ष सोशल मीडिया पर रखा।
इसके जवाब में शनिवार को भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया और कहा, “हम दोनों एक ही पाठशाला के हैं। उनकी ओर से प्रस्तुत किए गए तथ्य वास्तविकता से परे और झूठे हैं।” तिवारी ने यह भी कहा कि जिस सड़क को लेकर विवाद है, उसका निर्माण उनके मंत्री रहते हुए ही हुआ था और लकड़ी की अधिकांश आढ़तें समाजवादी समर्थकों की बताई जा रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम और मंडी की वजह से रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है। व्यापारियों और यात्रियों को घंटों खड़े रहना पड़ा। प्रशासन ने फिलहाल कुछ वाहनों को हटाया और मार्ग को कुछ हद तक खोला गया, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी से माहौल गर्म बना हुआ है।
आगे क्या होगा, यह प्रशासनिक कार्रवाई और दोनों नेताओं की आगे की पोस्ट पर निर्भर करेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थायी समाधान के लिए जिला प्रशासन को हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि सड़क यातायात नियमित हो सके।
स्रोत: अमर उजाला

