सुलतानपुर। रोडवेज में आउटसोर्स व्यवस्था के तहत काम कर रहे परिचालकों के लिए राहत भरी खबर आई है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने अब इन परिचालकों को एजेंसी के माध्यम से नहीं बल्कि सीधे निगम से संविदा पर तैनात करने का फैसला किया है।
निगम मुख्यालय ने इस व्यवस्था के लागू होने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। सुलतानपुर डिपो के 37 आउटसोर्स परिचालकों को इस बदलाव का लाभ मिलेगा और यह नई व्यवस्था एक नवंबर से प्रभावी होगी।
मुख्य बदलाव और शर्तें
नई व्यवस्था के साथ परिचालकों के मानदेय में भी वृद्धि की घोषणा की गई है। अब तक आउटसोर्स परिचालकों को प्रति किलोमीटर 1.75 रुपये मिलते थे। संविदा पर आने के बाद यह दर बढ़कर 2.16 रुपये प्रति किलोमीटर हो जाएगी।
निगम ने यह भी बताया है कि इच्छुक परिचालकों के सीधे अनुबंध के लिए सेवा योजन पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। साथ ही निगम ने उन सेवाप्रदाताओं के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं जिनका अनुबंध 31 अक्तूबर 2026 को समाप्त हो रहा है।
प्रक्रिया शासन के 21 और 25 अगस्त 2026 के आदेशों पर आधारित है। कदाचार या भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण हटाए गए परिचालकों को सीधे संविदा पर समायोजित नहीं किया जाएगा। यह शर्त एसओपी में स्पष्ट तौर पर रखी गई है।
रोडवेज कर्मचारी कल्याण संघ के प्रदेश महामंत्री दिनेश कुमार उपाध्याय ने इस निर्णय का स्वागत किया है। एआरएम सुरेश चंद्र यादव ने बताया कि सीधे संविदा पर रखने की प्रक्रिया एक नवंबर से लागू होगी।
स्थानीय असर और आगे क्या होगा
परिचालकों को सीधे निगम से संविदा मिलने पर उनकी नौकरी का दर्जा और आर्थिक सुरक्षा बढ़ेगी। जिन परिचालकों का पंजीकरण अभी तक नहीं हुआ, उन्हें सेवा योजन पोर्टल पर जल्द पंजीकरण कराने की जरूरत है ताकि वे नई व्यवस्था का लाभ उठा सकें। निगम की ओर से आगे तकनीकी और प्रशासनिक निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

