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उन्नाव: लेखपालों ने तहसील समाधान दिवस बहिष्कार किया, 8 अक्तूबर की चेतावनी

लेखपालों ने वेतन विसंगति, भत्तों में बढ़ोतरी और अंतर मंडलीय स्थानांतरण की मांग करते हुए 17 से 23 अक्तूबर तक कार्य बहिष्कार का ऐलान किया।

उन्नाव: लेखपालों ने तहसील समाधान दिवस बहिष्कार किया, 8 अक्तूबर की चेतावनी
फोटो: अमर उजाला

उन्नाव। भत्ता बढ़ोतरी और वेतन विसंगतियों समेत कई मांगों को लेकर जिले के लेखपालों ने तहसील समाधान दिवस का बहिष्कार किया और तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों पर कार्रवाई न होने पर आठ अक्तूबर से अधिकारियों के मोबाइल ग्रुप छोड़ दिए जाएंगे।

बीघापुर तहसील लेखपाल संघ ने धरने के बाद एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह को एक लिखित ज्ञापन सौंपा। तहसील संघ के अध्यक्ष मर्दन सिंह, मंत्री अमर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सोनू कुमार और कनिष्ठ उपाध्यक्ष ऋषि पटेल ने बताया कि वेतनमान में मौजूद विसंगति को तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि आठ साल से लेखपालों का अंतर मंडलीय स्थानांतरण नहीं हुआ है और दो वर्षों से पदोन्नति सूची जारी नहीं की गई है।

आंदोलन की मांगें और कार्यक्रम

लेखपालों ने बताया कि 16 वर्षों से किसी प्रकार के भत्ते में बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्होंने शासन प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई न होने की स्थिति में आठ अक्तूबर से आय, जाति, निवास, वरासत और फार्मर रजिस्ट्री जैसे कार्यों का बहिष्कार करने की चेतावनी दी।

अगले चरण की रूपरेखा भी उसको ज्ञापन में रखी गई है। योजना के अनुसार लेखपाल 10 अक्तूबर को काली पट्टी बांधकर थाना दिवस में मौजूद रहेंगे और 14 अक्तूबर को जिला मुख्यालय पर बाइक रैली निकालेंगे। 17 से 23 अक्तूबर तक वे संपूर्ण कार्य बहिष्कार कर तहसील मुख्यालय पर सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक धरना देंगे। 24 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन धरना जिला मुख्यालय पर होगा।

बीघापुर के ज्ञापन में आयुष पटेल, अनुराग श्रीवास्तव, विशाल निर्मल और राकेश सहित कई अन्य लेखपाल शामिल रहे। हसनगंज तहसील में भी तहसील अध्यक्ष मनोज सिंह के नेतृत्व में धरना हुआ और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम शालिनी तोमर को सौंपा गया।

पुरवा तहसील में भी तहसील अध्यक्ष नंदलाल के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। वहां वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत पांडेय ने बताया कि लेखपालों ने अतिरिक्त 27 क्षेत्रों का काम छोड़ दिया है। धरने में अनेक स्थानीय लेखपाल और कर्मचारी शामिल रहे।

प्रदर्शन का असर स्थानीय तहसील सेवाओं पर दिखाई देने की संभावना है। लेखपालों की चेतावनी के बाद प्रशासन की ओर से अब किस प्रकार की प्रतिक्रिया आती है, यह अगली कार्रवाई तय करेगी कि विवाद शांत होता है या फिर संघर्ष गहरा जाता है।

स्रोत: अमर उजाला

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Vikas Kumar

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कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।