उन्नाव। शनिवार शाम कानपुर‑रायबरेली रेलमार्ग पर बीघापुर के गणेशीखेड़ा गांव के सामने रेलवे फाटक संख्या‑84सी के पास मालगाड़ी की चपेट में दो घोड़े आ गए। घटना शाम करीब पाँच बजे हुई जब उन्नाव से रायबरेली की ओर जा रही मालगाड़ी ट्रैक पर पहुंची।
घोड़े पहले रेलमार्ग किनारे घास चर रहे थे। ट्रेन देखकर वे भागने लगे और उसी बीच दोनों घोड़े रेलवे ट्रैक पर आ गए। गाड़ी की रफ्तार तेज थी और टकराने से दोनों घोड़े गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे का क्रम
घटना की वजह से बड़े रेल हादसे का खतरा पैदा हो गया था, लेकिन ट्रेन के चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए गाड़ी को नियंत्रित किया। चालक की तत्परता से किसी मानवीय नुकसान से बचाव हुआ और बड़ा हादसा होते‑होते टल गया।
टक्कर के बाद स्थानीय लोग और रेलवे के कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे। विभागीय कर्मियों ने ट्रैक की जाँच कर परिस्थिति नियंत्रित की। इसके बाद ट्रैक पर करीब पौन घंटे बाद यातायात बहाल किया गया और रेलगाड़ियों का परिचालन सामान्य हुआ।
घायल घोड़ों की स्थिति और उपचार का इस रिपोर्ट में विवरण नहीं है। घटना से पास के गाँवों के लोग चिंतित दिखे और उन्होंने बार‑बार ट्रेन और पालतू जानवरों की सुरक्षा के प्रति चेतावनी दी।
यातायात व सुरक्षा
रेलवे फाटक‑84सी की निकटता और ट्रैक के किनारे चरने वाले जानवरों की वजह से ऐसे हादसे के फिर से होने की आशंका रहती है। स्थानीय लोग और रेलवे प्रशासन दोनों को मिलकर फाटक और आसपास के इलाके में सावधानी बढ़ाने की आवश्यकता है।
अभी आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इसकी जानकारी विभागीय उच्चाधिकारियों की ओर से सामने आने पर साझा की जाएगी। जब तक और आधिकारिक निर्देश नहीं आते, ग्रामीणों से अपील है कि रेलवे ट्रैक के पास पालतू और चरवाहे ध्यान रखें।
स्रोत: अमर उजाला

