लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस वर्ष ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान ने व्यापक जनभागीदारी देखी और वह जन आंदोलन बन गया। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक चला।
प्रदेशभर में कुल मिलाकर करीब 47 लाख नागरिक अभियान से जुड़े। 21 हजार से अधिक जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें लगभग 27 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। शुरुआत में मेयर, पार्षद, जनप्रतिनिधियों और करीब 12 लाख नागरिकों ने श्रमदान के जरिए अभियान की रवानगी दी।
अभियान के आंकड़े और आउटरीच
प्रशासन ने कुल 1.22 लाख स्वच्छता लक्षित इकाइयां (CTU) चिन्हित कीं और उनमें से करीब 1.10 लाख का विलोपन नागरिकों की भागीदारी से किया जा चुका है। अभियान के तहत करीब 25 हजार सार्वजनिक स्थल, 6,788 बाजार, 13,919 मोहल्ले, 9,440 शौचालय और 6,769 कार्यालयों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया।
शिक्षा क्षेत्र में ‘स्वच्छ पाठशाला’ कार्यक्रम के तहत लगभग 13 हजार कार्यक्रम हुए और 3,640 स्वच्छ सारथी क्लबों से जुड़े करीब 2.16 लाख बच्चे जुड़ गए। बच्चों के लिए 8,358 प्रतियोगिताएं और अन्य गतिविधियाँ आयोजित की गईं ताकि घर-परिवार तक संदेश पहुँचे।
अभियान में सफाई मित्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई। स्वच्छता मित्र सुरक्षा शिविर के अंतर्गत 4,202 शिविर लगाए गए, जिनमें लगभग 99 हजार सफाई मित्र शामिल हुए। लगभग 40 हजार सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया और 88 हजार का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ।
अभियान से जुड़े एक राजनीतिक हस्ती के संदर्भ में 8 बार विधायक रहे श्याम सुंदर शर्मा कांग्रेस में शामिल हुए और कहा- ‘ये बुड्ढा बहुत काम…’.
अमल में अभियान ने घर-घर तक संदेश पहुँचाने पर जोर दिया; करीब 25 लाख घरों तक स्वच्छता का संदेश गया और RRR (Reduce, Reuse, Recycle) पर 3,461 कार्यक्रम हुए। विश्व पर्यटन दिवस पर 17,486 गतिविधियों में एक लाख से अधिक नागरिक जुड़े।
आगे क्या होगा
अभियान को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश में 17 अक्टूबर 2026 तक विशेष स्वच्छता अभियान जारी रहेगा। इस दौरान उन स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहाँ नियमित सफाई नहीं हो पाती। नागरिकों को घरों पर कचरा अलग करने और स्वच्छता की जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
स्रोत: ABP न्यूज़

