अलीगढ़। मैक्सवोल्ट एनर्जी इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अलीगढ़ में 700 करोड़ रुपये के निवेश से बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की तैयारी शुरू कर दी है। काम शुरू होने के बाद यह स्थल प्रदेश को बैटरी और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) विनिर्माण के हब बनाने में मदद करेगा।
यह प्लांट करीब 23,576 वर्ग मीटर यानी 6 एकड़ में फैलाया जाएगा और इसे दो चरणों में बनाया जाएगा। पहले चरण में 5 GWh और दूसरे चरण में 5 GWh की उत्पादन क्षमता जुड़ने के बाद पूरी सुविधा सालाना 10 GWh बैटरी का उत्पादन करेगी। प्लांट 1 kW से लेकर 5 MW तक के बैटरी सॉल्यूशन्स बनाएगा जिसमें स्लो चार्जिंग के साथ L3 और L5 फास्ट-चार्जिंग (BMS) की क्षमता भी शामिल है।
रोजगार और अर्थव्यवस्था
कंपनी का कहना है कि इस मेगा प्लांट से मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा। अनुमान है कि 1,500 से 2,000 प्रत्यक्ष और 7,500 से 10,000 अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे, यानी कुल मिलाकर करीब 12,000 तक लोगों को लाभ मिल सकता है।
भूमि पूजन के मौके पर यूपी सरकार के MSME विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कहा, ‘ऐसी विशाल परियोजनाएं ही प्रदेश को एक सशक्त औद्योगिक क्लस्टर में बदलेंगी.’
मैक्सवोल्ट के को-फाउंडर एवं CEO सतेन्द्र शुक्ला ने कहा, ‘हम किसी एक सेगमेंट के लिए क्षमता नहीं बढ़ा रहे हैं, बल्कि एक ऐसे मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म को विस्तार दे रहे हैं जो पहले से कई क्षेत्रों की जरूरत पूरी कर रहा है. फोर-व्हीलर EV बैटरियां इस विस्तार में अगला एप्लीकेशन हैं, न कि इस प्लांट को बनाने का एकमात्र कारण.’
कंपनी के को-फाउंडर एवं CMO मुकेश गुप्ता ने कहा, ‘हमारा फोकस सिर्फ ज्यादा बैटरी बनाने पर नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और एनर्जी स्टोरेज से लेकर टेलीकॉम, पावर बैकअप और OEM जरूरतों तक अलग-अलग एप्लीकेशंस को पूरा करने की क्षमता विकसित करने पर है.’
आगे क्या होगा
कंपनी ने बताया है कि प्लांट का निर्माण दो चरणों में संपन्न होगा और तैयार होने के बाद यह स्थानीय मांग के साथ साथ अन्य सेक्टरों की बैटरी जरूरतें भी पूरी करेगा। क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर असर दिखने लगेगा, और आगे के नियोजित विकास की जानकारी कंपनी व प्रशासन साझा करेंगे।
स्रोत: News18

