अंबेडकरनगर। बीएन इंटर कॉलेज अकबरपुर के संस्थागत धन के गबन के मामले में सत्र न्यायालय ने पूर्व कार्यवाहक प्रधानाचार्य विपिन कुमार सिंह (60) की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी। यह आदेश सत्र न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार ने 29 सितंबर को पारित किया।
अदालत ने जिला जस्टिस ऑफ़ मैजिस्ट्रेट्स के नौ जून 2025 के आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें सीजेएम ने आरोपी को मुकदमे के लिए तलब किया था। प्रकरण की सुनवाई में सत्र न्यायालय ने पुलिस और ऑडिट रिपोर्ट के दस्तावेजों को निर्णायक माना।
अदालत ने क्या पाया
फिरोजी जमा रिपोर्ट और बैंक अभिलेखों की जांच के आधार पर अदालत ने पाया कि खातों में अनियमितताएँ और संस्थागत धन का निजी खातों में स्थानांतरण दिखाई देता है। शिकायत कॉलेज प्रबंधक कृष्ण कुमार टंडन ने की थी। प्राथमिकी में आरोप है कि विभिन्न खातों से कुल 10.20 लाख रुपये की अनियमितता और गबन हुआ।
इंस्पेक्शन रिपोर्ट में 18.10 लाख रुपये के बिना प्रमाणित खर्च, संस्थागत धन को व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफर और 4.04 लाख रुपये के परियोजना धन के डायवर्जन का जिक्र है। पुलिस ने जांच के बाद 28 दिसंबर 2024 को कहा था कि पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अंतिम रिपोर्ट दाखिल की।
प्रबंधक कृष्ण कुमार टंडन ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट का विरोध करते हुए 18 मार्च 2025 को प्रार्थना पत्र दिया। उसके बाद सीजेएम ने अंतिम रिपोर्ट खारिज कर आरोपी को अदालत में तलब किया। विपिन कुमार सिंह ने इस आदेश को सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी, परन्तु पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी गई।
अदालत ने निजी चार्टर्ड अकाउंटेंट की रिपोर्ट के साथ-साथ जिला ऑडिट अधिकारी की 19 अगस्त 2023 की निरीक्षण रिपोर्ट, बैंक अभिलेख, व्यक्तिगत खाते में धन हस्तांतरण और बियरर चेक से लेनदेन को प्रथमदृष्टया पर्याप्त सामग्री माना। अब मामला आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसी आदेश के अनुरूप आगे बढ़ेगा।
स्रोत: अमर उजाला

