अम्बेडकरनगर। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन रविवार को जिले के 35 स्वास्थ्य केंद्रों पर किया गया था। मेले में कुल 1779 मरीजों ने पंजीकरण कराया और उनकी परिचर्या की गई।
जांच के दौरान टीबी के 30 मरीज और एक कुपोषित बच्चा चिह्नित हुआ। मेले में सर्वाधिक मरीज बुखार और त्वचा रोग की शिकायत लेकर आए थे। एक मरीज को सर्जरी के लिए आगे रेफर किया गया।
जांच के आंकड़े
स्वास्थ्य केंद्रों पर कोविड हेल्प डेस्क में 327 मरीजों की जांच की गई, लेकिन किसी में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई। अन्य बीमारियों की पहचान में गैस्ट्रो के 163, डायबिटीज के 127, त्वचा रोग के 262 और उच्च रक्तचाप के 88 मरीज मिले। साथ ही 570 अन्य प्रकार की बीमारियों से पीड़ित मरीजों का उपचार भी किया गया।
मेला जिला स्वास्थ्य विभाग की पहल पर आयोजित किया गया था ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग नजदीकी केंद्रों पर मुफ्त जांच और इलाज पा सकें। मेले में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं के जरिए विभिन्न परीक्षण और दवाइयों का वितरण भी किया गया।
स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों की चुनौतियाँ
अरियौना पीएचसी में चिकित्सा सेवाएँ तो मिलती रहीं, लेकिन बिजली व्यवस्था खराब पाई गई। अरियौना पीएचसी में सुबह डॉ. अंकिता पाठक और डॉ. रमापति राय मरीजों का इलाज करते मिले। वहां दवाइयां उपलब्ध थीं, पर चिकित्सक और दवा वितरण कक्ष में केवल एक-एक बल्ब जल रहा था और कई लाइटें खराब थीं, जिससे कर्मचारियों को जुगाड़ करके काम करना पड़ा।
मेले में जिन मरीजों को आगे की जांच या इलाज की जरूरत पड़ी उन्हें नजदीकी उच्च चिकित्सा केन्द्रों के लिए रेफर किया गया। जिला स्वास्थ्य संचालित आवागमन व व्यवस्थाओं पर निगरानी जारी रही और प्राथमिक स्तर पर सेवाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता सामने आई है।
आगे भी जिले में ऐसे कार्यक्रमों के जरिए कोरोना, टीबी औरों बीमारियों की निगरानी जारी रहने की संभावनाएं बनी रहती हैं। जिन लोगों को मेडिकल सलाह या दवा की जरूरत है वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

