अमेठी सिटी। आठ सूत्री मांगों को लेकर आंदोलनरत लेखपालों ने शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया और तहसीलों में धरना‑प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद उन्होंने एसडीएम कार्यालयों में ज्ञापन सौंपकर लंबित समस्याओं के त्वरित निस्तारण की मांग रखी।
जिले की चारों तहसीलों, गौरीगंज, अमेठी, मुसाफिरखाना और तिलोई, में अलग‑अलग स्थानों पर लेखपालों ने धरना दिया। गौरीगंज में यह प्रदर्शन जिलाध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता की अगुवाई में हुआ जबकि अन्य तहसीलों में संबंधित तहसील अध्यक्ष नेतृत्व कर रहे थे।
धरना‑प्रदर्शन और ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि परिषद के आदेशों के बावजूद पटल सहायक और पटल प्रभारी की जिम्मेदारी राजस्व निरीक्षक को देने का जो निर्णय लिया गया, वह लेखपालों के विरुद्ध है और संघ उसकी कट्टर विरोधी है। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम को लिखित ज्ञापन भी सौंपा।
लेखपाल संघ का कहना है कि वे 22 सितंबर से अतिरिक्त हलकों के कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं और जब तक आठ सूत्री मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, अतिरिक्त क्षेत्र का काम स्वीकार नहीं करेंगे। संघ ने विशेष रूप से संवर्ग के 10 वर्षों से 2800 ग्रेड पे के प्रारंभिक वेतनमान और वेतन विसंगति को दूर करने की मांग उठाई है।
धरना‑प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष के साथ विवेक पांडेय, प्रवीण सिंह, अमृतलाल, राजकुमार, महताब, संजय चौधरी, अरविंद कुमार, गीता शुक्ला, अंकिता गुप्ता, अंजली, सरिता और पूनम आदि उपस्थित रहे। स्थानीय प्रशासन को बताया गया कि अगर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो संघ आगे और तीव्र कदम उठाएगा।
प्रदर्शन का असर आम लोगों पर सीमित रहा लेकिन राजस्व कार्यों में देरी के कारण भूमि और पैदावार से जुड़ी मामूली प्रक्रियाओं में असुविधा हो सकती है। प्रशासन ने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है।
आगे की कार्रवाई
लेखपालों ने कहा है कि उन्हें तत्काल संतोषजनक हल न मिला तो आंदोलन तेज किया जाएगा। स्थानीय लोगों से कहा गया है कि महत्वपूर्ण राजस्व कार्य कराने से पहले तहसील कार्यालयों से स्थिति की जानकारी लें।
स्रोत: अमर उजाला

