शाहगढ़। शमशेरियां स्थित मां दुर्गन भवानी धाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को प्रवाचक ज्ञानवी श्री ने श्रद्धालुओं को सत्य और सेवा का महत्व बताया। कुरूल कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और राम-कथा का माहौल बना रहा।
प्रवाचक ने कहा कि “मनुष्य को जीवन में कैसी भी परिस्थिति आए, सत्य का साथ नहीं छोड़ना चाहिए।” उन्होंने दूसरों की मदद और जरूरतमंदों की सेवा पर बल दिया और बताया कि इसी से जीवन सार्थक बनता है।
सत्य, सेवा और साधुता
ज्ञानवी श्री ने कहा कि “मनुष्य के अच्छे कर्म ही उसके व्यक्तित्व की पहचान बनते हैं।” उन्होंने कहा कि ईश्वर की भक्ति के साथ अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। कठिन समय में धैर्य बनाए रखने और सफलता मिलने पर विनम्र रहने की भी सीख दी गई।
प्रवचन में परिवार और समाज के रिश्तों पर भी जोर था। प्रवाचक ने कहा कि परिवार में प्रेम और सद्भाव बनाए रखने से घर का वातावरण सुखद रहता है और व्यक्ति अपने आचरण से दूसरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि अच्छे विचारों को व्यवहार में उतारने से समाज में सकारात्मक बदलाव आता है।
इस मौके पर आयोजक महंत माधव गिरी, काशी प्रसाद मिश्र, संतलाल यादव, दुर्गेश, उमेश पांडेय, सौरभ पांडेय आदि मौजूद रहे। भक्तों ने प्रार्थना में भाग लिया और कार्यक्रम के बाद सेवा तथा प्रसाद का आयोजन भी किया गया।
आगे की रूपरेखा
कथा अगले दिनों भी जारी रहेगी और आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अनुशासन बनाए रखने का अनुरोध किया है। जो लोग भाग लेना चाहते हैं वे धाम में पहुंचकर सुबह और शाम के सत्रों में शामिल हो सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

