मऊ
ऑथर Ankit Dahiya

दोहरीघाट-सहजनवां रेल लाइन के लिए जल्द होगी भूमि रजिस्ट्री : तीन चरणों में पूरा होगा काम, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

UPT | प्रतीकात्मक फोटो

Nov 13, 2024 18:30

सहजनवां-दोहरीघाट रेल परियोजना के तहत भूमि रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया जल्द ही पूरी होगी। यह रेल लाइन मऊ जिले के सात गांवों और गोरखपुर के 112 गांवों से होकर गुजरेगी...

Mau News : सहजनवां-दोहरीघाट रेल परियोजना के तहत भूमि रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया जल्द ही पूरी होगी। यह रेल लाइन मऊ जिले के सात गांवों और गोरखपुर के 112 गांवों से होकर गुजरेगी। मऊ जिले की लगभग 43.22 हेक्टेयर और गोरखपुर की 359 एकड़ भूमि की रजिस्ट्री की जाएगी। रेल लाइन चार साल में बिछाई जाएगी और यह प्रोजेक्ट तीन चरणों में पूरा होगा। इस परियोजना के निर्माण से न केवल हजारों लोगों को रोजी-रोटी के अवसर मिलेंगे, बल्कि क्षेत्र का पिछड़ापन भी दूर होगा।

295 करोड़ रुपये जारी किए गए 
रेल लाइन मऊ जिले के दोहरीघाट, गोठा, नई बाजार, कोरौली सहित सात गांवों से होकर गुजरेगी। भूमि अधिग्रहण के बाद रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस परियोजना के तीसरे चरण का काम मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु रेलवे की ओर से 295 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।



सरयू नदी पर सबसे लंबा पुल बनाने की योजना
शिविर के जरिये किसानों से प्रपत्र लिए जाएंगे और मिट्टी भराई आदि के लिए एजेंसी को नामित कर दिया गया है। इसके अलावा, सरयू नदी पर सबसे लंबा पुल बनाने की योजना है, जिसका आकार लगभग 1200 मीटर होगा। इस पुल के निर्माण के लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। इस रेल लाइन पर दो ऊपरगामी पुल, 15 अंडरपास, 11 बड़े पुल और 47 छोटे पुलों का निर्माण किया जाएगा। नई रेल लाइन के निर्माण का लक्ष्य 2027 तक निर्धारित किया गया है। 

गोरखपुर से वाराणसी की दूरी कम होगी
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से गोरखपुर से वाराणसी की दूरी कम हो जाएगी। साथ ही, गोरखपुर से दोहरीघाट होते हुए वाराणसी, प्रयागराज और लखनऊ के लिए भी ट्रेनें चलने लगेंगी। दोहरीघाट से इंदारा होते हुए मऊ और वाराणसी रेलमार्ग से जुड़ जाएगा। दोहरीघाट-सहजनवां नई रेल लाइन को तीन चरणों में चार साल में पूरा करने का लक्ष्य है, और इसके लिए भूमि अधिग्रहण तथा रजिस्ट्री प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी।

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