इटावा हत्याकांड : दो सगी बहनों की हत्या में बड़ी बहन को आजीवन कारावास, प्रेमी को मिली राहत 

UPT | आजीवन कारावास की सजा

Aug 15, 2024 01:01

बलरई थाना क्षेत्र के गांव बहादुरपुर में रहने वाले जयवीर सिंह के परिवार में दुखद घटना घटी। 8 अक्टूबर 2023 को जब जयवीर सिंह और उनकी पत्नी सुशीला देवी खेतों में काम कर रहे थे, तब घर पर उनकी बेटियां और बेटा थे। शाम लगभग 6 बजे उनके बेटे कन्हैया ने आकर बताया कि उनकी 7 वर्षीय बेटी शिल्पी और 5 वर्षीय बेटी रोशनी के शव कमरे में पड़े हुए हैं।

Etawah News : उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में दो सगी बहनों की हत्या के मामले में कोर्ट ने बड़ी बहन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि प्रेमी को बरी कर दिया गया। 

दस माह पहले हुई थी हत्या
दस माह पहले बलरई थाना क्षेत्र के गांव बहादुरपुर में रहने वाले जयवीर सिंह के परिवार में यह दुखद घटना घटी। 8 अक्टूबर 2023 को जब जयवीर सिंह और उनकी पत्नी सुशीला देवी खेतों में काम कर रहे थे, तब घर पर उनकी बेटियां और बेटा थे। शाम लगभग 6 बजे उनके बेटे कन्हैया ने आकर बताया कि उनकी 7 वर्षीय बेटी शिल्पी और 5 वर्षीय बेटी रोशनी के शव कमरे में पड़े हुए हैं। दोनों की गर्दन कटी हुई थी।

पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू की। इटावा और कानपुर की फोरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। घटनास्थल पर मिले कपड़ों और फावड़े पर मानव रक्त के अवशेष पाए गए। बड़ी बहन अंजलि के मोबाइल फोन की जांच से पता चला कि उसका एक प्रेमी अमन था, जिससे वह नियमित रूप से बात करती थी।

छोटी बहनों ने प्रेमी के साथ देख लिया था
जांच में यह भी पता चला कि घटना से एक दिन पहले, 7 अक्टूबर को, छोटी बहनों ने अंजलि को उसके प्रेमी के साथ देख लिया था। वे इस बात की शिकायत माता-पिता से करने की धमकी दे रही थीं। इससे क्रोधित होकर अंजलि ने अपने प्रेमी से बात करने के बाद यह भयानक कदम उठाया और अपनी दोनों छोटी बहनों की निर्मम हत्या कर दी।

10 महीने में आया न्यायालय का फैसला  
लगभग 10 महीने की जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चवन प्रकाश ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया। न्यायालय ने अंजलि को दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, उस पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। यदि वह जुर्माना नहीं चुका पाती है, तो उसे 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

प्रेमी को मिली राहत 
इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ यह आया कि न्यायालय ने अंजलि के प्रेमी अमन को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। पुलिस ने पहले उसे भी गिरफ्तार किया था, लेकिन साक्ष्यों के अभाव में उसे दोषमुक्त कर दिया गया।

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