औरैया। कुदरकोट को पर्यटन के नक्शे पर लाने की मांग जोर पकड़ रही है। गांव वाले चाहते हैं कि अलोपा देवी मंदिर और आसपास के इलाके को सजाया-संवारा जाए ताकि आने वाले तीर्थयात्रियों के लिये सुविधाएं बढ़ें।
स्थानीयों के मुताबिक यह स्थान भगवान श्रीकृष्ण की ससुराल और रुक्मिणी के हरण से जुड़ा पौराणिक स्थल है। तीन साल पहले पर्यटन विभाग की ओर से मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के तहत करीब 49 लाख रुपये से सत्संग भवन बनाया गया था।
मंदिर की पौराणिकता और मांगें
अलोपा देवी मंदिर का संबंध महाभारत व द्वापर काल से जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि यहीं से भगवान कृष्ण ने रुक्मिणी का हरण किया था और देवी गौरी का अलोप होना इसी कड़ी से जुड़ा बताया जाता है। मंदिर के पश्चिम दिशा में द्वापर कालीन महाराजा भीष्मक द्वारा स्थापित शिवलिंग भी है, जिसे अब बाबा भयानक नाथ के नाम से जाना जाता है।
स्थानीयों ने अभी और सुविधाओं की मांग रखी है। “अलोपा देवी मंदिर से लेकर भयानकनाथ मंदिर के बीच पर्यटन विभाग बहुत कुछ विकास के कार्य करा सकता है। जिससे यहां की रौनक बढ़ जाएगी।” -धीरेंद्र कुमार
रास्तों पर लाइटें लगाने और मंदिर के दायरे को बढ़ाने की भी अपील उठी है। “पौराणिक महत्व होने से मंदिर में दूर-दराज से लोग आते हैं। भव्य आयोजन भी होते हैं। रास्तों पर लाइटें लगाकर भव्य रौनक बढ़ाई जा सकती है।” -बलराज सिंह
“अलोपा देवी मंदिर का दायरा काफी कम है। बाउंड्री से लेकर पर्यटन के उद्देश्य से सजावट हो जाए तो स्थान की रौनक बढ़ जाएगी। आस्था के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिल जाएगा।” – अमित दीक्षित
पर्यटन विभाग की ओर से किए गए कामों पर जिला पर्यटन अधिकारी मोहित सिंह ने कहा, “पर्यटन विभाग की ओर से तीन साल पहले 49 लाख से सत्संग भवन व अन्य मूलभूत सुविधाएं दी गई हैं। जनप्रतिनिधियों के अलावा अगर अन्य प्रस्ताव आते हैं तो शासन को भेजे जाएंगे।” स्थानीय लोग अब अधिक निवेश और बेहतर सड़क-जल-प्रकाश व्यवस्था की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

