लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बृहस्पतिवार आधी रात के बाद तेज बारिश शुरू हुई जो शनिवार शाम तक भी थमने का नाम नहीं ले रही थी। प्रदेश के कई हिस्सों में मकान ढहे, पेड़-पोल गिरे और बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 53 लोगों की मौत हुई है। मौसम विभाग ने रविवार के लिए 13 जिलों में भारी बारिश का संकेत दिया है, जबकि मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और बरेली में अति भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वर्षा के आँकड़े और रिकॉर्ड
लखीमपुर खीरी में शनिवार को सर्वाधिक 342 मिमी बारिश दर्ज की गई। सीतापुर में 273.2 मिमी, बांदा में 245.6 मिमी और बहराइच में 239 मिमी बारिश नापी गई। हमीरपुर में 210 मिमी और कानपुर में 175.4 मिमी बारिश दर्ज होने से कानपुर का 45 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया।
बांदा और हमीरपुर में एक दिन की बारिश का अब तक का रिकॉर्ड टूटने की जानकारी दी गई है। इन आँकड़ों के साथ कई जिलों में जलभराव और सड़कें बाधित हुईं, जिससे लोगों का बसना-चलना मुश्किल हुआ।
बारिश के कारण सबसे अधिक 26 मौतें अवध के जिलों में हुईं। इसमें सीतापुर में छह, बहराइच में पांच, बलरामपुर व अयोध्या में चार-चार, बाराबंकी में तीन और गोंडा में दो लोगों की मौतें शामिल हैं। अमेठी व श्रावस्ती में एक-एक, ब्रज क्षेत्र में मैनपुरी में दो व एटा में एक मौत हुई।
लखीमपुर खीरी में छह और गोरखपुर में पांच लोगों की जान गई। हरदोई में चार, हमीरपुर में तीन तथा महोबा, बांदा, जौनपुर, संतकबीरनगर, प्रयागराज और प्रतापगढ़ में एक-एक मौत हुई।
बारिश के चलते दिन का तापमान भी कई जिलों में सामान्य से काफी नीचे चला गया। बरेली में अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सितंबर के प्रेक्षण इतिहास में अब तक का सबसे कम दर्जा है। इटावा, शाहजहांपुर, मुरादाबाद और आगरा में भी सितंबर का अब तक का सबसे ठंडा दिन देखा गया।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने कहा, “सोमवार से बारिश में कमी आने की संभावना है।” उन्होंने यह भी बताया कि रविवार को 27 जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
रेल और हवाई सेवाएं भी प्रभावित रहीं; वाराणसी में एक एयर इंडिया की उड़ान निरस्त हुई और कई उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा। रेलवे में अलग-अलग स्थानों पर पेड़ गिरने से ट्रेनों का परिचालन बाधित हुआ, कई स्थानों पर सुबह पेड़ हटाने के बाद सेवाएँ बहाल की गईं।
स्रोत: अमर उजाला

