औरैया। हाइड्रा कारोबारी दिलीप की हत्या के मामले में दर्ज गैंगस्टर की प्राथमिकी में गिरोह के सरगना दुर्लभ उर्फ पिंटू यादव और सक्रिय सदस्य शिवम यादव की जमानत याचिकाएं अदालत ने खारिज कर दीं। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट विनय प्रकाश सिंह ने आज यह फैसला सुनाया।
न्यायालय ने आरोपों की गंभीरता और भविष्य में अपराध की पुनरावृत्ति की आशंका को देखते हुए दोनों अभियुक्तों को जमानत न देने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष ने आरोपियों को निर्दोष बताकर रंजिश में फंसाने की दलील दी, जबकि अभियोजन पक्ष ने कड़ी आपत्ति की।
घटना और मुकदमों का विवरण
मैनपुरी के नगला दीपा निवासी दिलीप कुमार दिबियापुर में कारोबारी थे। 19 मार्च 2025 को उन पर जानलेवा हमला हुआ और उन्हें सहार थाना क्षेत्र में फेंक दिया गया था। उपचार के दौरान 21 मार्च 2025 को दिलीप की मौत हो गई।
तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज मिश्र ने 31 अगस्त 2025 को गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। प्राथमिकी में शामिल प्रमुख नामों में दुर्लभ उर्फ पिंटू यादव और शिवम यादव के साथ अनुराग उर्फ बबलू, रामजी नागर उर्फ चौधरी, प्रगति यादव और रामू यादव हैं।
गैंगचार्ट के अनुसार, दुर्लभ यादव पर हत्या और बलवे सहित चार मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, शिवम यादव पर हत्या, बलवा और आर्म्स एक्ट के तहत कुल तीन गंभीर मामले दर्ज हैं। यह विवरण अदालत में भी पेश किया गया था।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गयां फैसला दिया। जमानत खारिज होने के बाद अभियुक्त फिलहाल न्यायिक हिरासत में रहेंगे और मामले की आगे की सुनवाई जारी रहेगी।
आगे की कार्रवाई
जिले की पुलिस और अभियोजन पक्ष अगले सुनवाई के लिए सबूतों और गवाहियों को तैयार रखेंगे। मामले में आगे की तारीख और अन्य कानूनी पहलुओं पर फैसला अदालत में होने वाली अगली सुनवाई में तय होगा।
स्रोत: अमर उजाला

