अयोध्या। बारिश और तेज हवा के बाद जिले के कई फीडरों में बड़े पैमाने पर कटौती आ गई है और दर्शननगर फीडर से जुड़े इलाके करीब 70 घंटे से अंधेरे में हैं। पेड़ गिरने, तार टूटने और ट्रांसफार्मर खराब होने से शहर व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बाधित है।
कुल मिलाकर विभिन्न रिपोर्टों में करीब 30 हजार लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। कुछ उपकेंद्रों से मिली जानकारी में 25 हजार से 33 हजार तक के आंकड़े सामने आए हैं। बल्लहाटा में ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण वहां लगभग 48 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है।
घटनाओं का असर और नुकसान
आंधी में बरगद के पेड़ गिरने से बारिश के दौरान अहिरन का पुरवा में 55 वर्षीय इंद्रावती जख्मी हो गईं और उन्हें सीएचसी बीकापुर में भर्ती कराया गया। बरगद राम सुभाग की पशुशाला पर गिरा, जिससे जानमाल को भी नुकसान हुआ। पुलिस व स्थानीय प्रशासन ने मार्गों को खुलवाने का काम शुरू कर दिया है।
घूरीटीकर मजरे रामनगर में तेज हवा से छप्पर का घर पूरी तरह टूट गया। मनोज कुमार के घर का खाना‑पीना और घरेलू सामान नष्ट हो गया। वहां बंधी भैंस को भी चोटें आईं। मौके पर जिला पंचायत सदस्य हरिश्चंद्र निषाद पहुंचे और नायब तहसीलदार को हालात से अवगत कराया गया।
लंबी कटौती के कारण घरेलू पानी की टंकियां खाली हो गई हैं और लोग पानी खरीदने को मजबूर हैं। मोबाइल चार्जिंग के लिए कुछ जगहों पर 10 से 20 रुपये लिए जा रहे हैं। इन्वर्टर व मोबाइल बंद होने से परिवारों का रोजाना जीवन प्रभावित है और अर्धवार्षिक परीक्षाओं के नजदीक होने से बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है।
बीकापुर कस्बे और तहसील फीडर तीन दिन से बंद हैं। अस्पतालों में 48 घंटे से बिजली न होने से मरीज, प्रसूता और स्वास्थ्यकर्मियों को अंधेरे में काम करना पड़ रहा है और कुछ स्थानों पर जनरेटर भी खराब बताए जा रहे हैं।
एसडीओ संदीप यादव ने कहा, “33 हजार लाइन पर पेड़ गिरने से आपूर्ति बाधित हुई है।” अवर अभियंता रुदौली रितेश वर्मा ने बताया कि कर्मचारी दिन‑रात लाइनों को दुरुस्त करने में लगे हैं और शीघ्र बहाली के प्रयास जारी हैं।
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों की सूची बनाकर मरम्मत टीमों को लगाया है। स्थानिक नागरिकों से कहा गया है कि अस्थायी समाधान के लिए अपने आस‑पास की सूचना अधिकारियों को दें और आवश्यकतानुसार नजदीकी राहत केंद्रों का इंतजार करें।
स्रोत: अमर उजाला

