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अयोध्या: गर्भगृह के बाहर अब नौ बातियों से होगी रामलला की महाआरती

पहले 51 बातियों से आरती होती थी; धुएं व कालिख से संगमरमर व लाल पत्थर प्रभावित होने के कारण संख्या घटा कर संरक्षण पर जोर दिया गया।

अयोध्या: गर्भगृह के बाहर अब नौ बातियों से होगी रामलला की महाआरती
फोटो: अमर उजाला

अयोध्या। राम मंदिर के गर्भगृह के बाहर अब रामलला की महाआरती नौ बातियों से किए जाने का फैसला लागू किया गया है। यह परिवर्तन 4 अक्तूबर 2026 को मंदिर प्रबंधन की निर्देशानुसार किया गया।

पहले गर्भगृह के बाहर 51 बातियों से आरती होती थी, जिसे अब घटाकर नौ कर दिया गया है। निर्णय मंदिर की भव्यता और पत्थरों के संरक्षण को ध्यान में रखकर लिया गया है।

आरती में बदलाव के कारण

ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने आरती में बातियों की अधिक संख्या के चलते निकलने वाले धुएं और कालिख को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि गर्भगृह सफेद मकराना संगमरमर से सजा है, जबकि मंदिर के बाहरी हिस्से में वंशी पहाड़पुर के लाल पत्थरों का प्रयोग हुआ है।

चंपत राय ने बताया कि बातियों से निकलने वाली कालिख समय के साथ पत्थरों की रंगत और चमक को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने मंदिर की स्थापत्य भव्यता और पत्थरों के संरक्षण का हवाला देते हुए आरती के स्वरूप पर पुनर्विचार का सुझाव दिया।

धार्मिक समिति की ओर से पहले भी गर्भगृह के बाहर सरयू आरती की तर्ज पर 51 बातियों से आरती शुरू की गई थी। चंपत राय की आपत्ति के बाद यह मामला समिति के अध्यक्ष एवं ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि के समक्ष उठाया गया और उन्होंने संज्ञान लेकर व्यवस्था में बदलाव करवा दिया।

आगे की व्यवस्था

अब से महाआरती नौ बातियों से ही की जा रही है ताकि संगमरमर और लाल पत्थरों पर धुएं का असर कम हो। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि यह कदम पत्थरों की स्वच्छता और दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

स्थानीय श्रद्धालुओं व आगंतुकों के लिए आरती की टाइमिंग और प्रक्रिया में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं बताया गया है, पर मंदिर प्रबंधन आगे आवश्यकतानुसार और सुझावों के आधार पर व्यवस्था समायोजित कर सकता है।

स्रोत: अमर उजाला

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Vikas Kumar

Vikas Kumar

कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।