अयोध्या। शुक्रवार की रात हुई तेज बारिश और हवाओं के चलते शहर व ग्रामीण हिस्सों में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। पेड़-पतों और टूटी डालियों के गिरने से कई जगह लाइनों को नुकसान पहुंचा और कुछ स्थानों पर खंभे भी टूट कर गिर गए।
प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक शहर के करीब 30 स्थानों पर बिजली के खंभे गिर गए हैं और लगभग 10 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। रामनगर कॉलोनी और दर्शन नगर फीडर से जुड़े इलाकों में शुक्रवार रात से बिजली नहीं है। जलवानपुरा, अयोध्या रेलवे स्टेशन और विद्याकुंड में करीब 10 घंटे से आपूर्ति बाधित रही।
प्रभावित फीडर व उपकेंद्र
सिविल लाइंस, मुमताजनगर, नियावां, चौक और निर्मोचन घाट समेत कई उपकेंद्रों से जुड़े 33 केवी और 11 केवी फीडरों पर भी आपूर्ति प्रभावित हुई है। जिले के 52 विद्युत उपकेंद्रों में से करीब 25 उपकेंद्र बारिश और तेज हवा से प्रभावित रहे। धारा रोड, राठहवेली और दिल्ली दरवाजा में रात करीब तीन बजे से आपूर्ति ठप है।
दीनदयाल नगर में सुबह आठ बजे से और देवकाली में रात से बिजली गुल है। कुम्हिया, चांदपुर, पूराबाजार, अयोध्या शहर और कोल्ड स्टोरेज फीडर से जुड़ी लाइनों पर भी असर पड़ा है। सिविल लाइंस में सेंट्रल बैंक के ऊपर लगे टावर का एक हिस्सा टूटकर गिर गया, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई।
अधीक्षण अभियंता विनय कुमार ने कहा, “आंधी-बारिश के दौरान पेड़ और डालियां बिजली लाइनों पर गिरने से कई स्थानों पर खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे ब्रेकडाउन की स्थिति बनी है। सुरक्षा के लिहाज से कुछ फीडरों की आपूर्ति भी बंद की गई है। विद्युतकर्मी पिछले तीन दिनों से दिन-रात मरम्मत कार्य में जुटे हैं। हवा सामान्य होते ही फीडरों की जांच कर प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि टूटे बिजली के तारों और गिरे हुए खंभों से दूर रहें तथा उनके संपर्क में न आएं.”
बिजली लंबे समय तक नहीं आने से कई परिवारों को परेशानी हुई और कुछ घरों में लोग इन्वर्टर डिस्चार्ज होने के बाद मोमबत्ती के सहारे रात गुजारने को मजबूर रहे। स्थानीय बाजारों और दिहाड़ी पर भी असर देखा गया।
विद्युत विभाग के कर्मचारी मरम्मत और सर्वे में जुटे हैं। विभाग ने कहा है कि जैसे ही हवा सामान्य होगी, प्राथमिकता वाले फीडरों की जांच कर सबसे पहले प्रमुख इलाकों में आपूर्ति बहाल की जाएगी। लोगों से आग्रह है कि गिरे तार या खंभों के पास न जाएं और किसी भी आपात स्थिति के लिए विद्युत विभाग को सूचित करें।
स्रोत: अमर उजाला

