अयोध्या। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन की प्रेरणा कांग्रेस नेता दाऊ दयाल खन्ना से मिली थी। यह बात उन्होंने अशोक सिंहल की जन्मशती समारोह के मौके पर कही।
चंपत राय ने बताया कि दाऊ दयाल खन्ना ने आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। खन्ना पांच बार कांग्रेस विधायक रहे और चंद्रभान गुप्ता की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी रहे।
आंदोलन का आरम्भ और अशोक सिंहल का योगदान
उन्होंने कहा कि 1983 में मुरादाबाद में हुए एक हिंदू सम्मेलन में दाऊ दयाल खन्ना ने अयोध्या, मथुरा और काशी को मुक्त कराने का आह्वान किया था। उसी सम्मेलन के बाद अशोक सिंहल ने राम जन्मभूमि आंदोलन को प्रमुखता से आगे बढ़ाया।
चंपत राय ने अशोक सिंहल के जीवन और सामाजिक-धार्मिक कार्यों का भी जिक्र किया। वह बताए कि एक बार अशोक सिंहल के पिता की तबीयत खराब होने पर उनकी मां ने उन्हें घर आने के लिए कहा, लेकिन संघ के कार्य में व्यस्त अशोक सिंहल तत्काल लौटे नहीं। मां ने उनके अंगूठे से रक्त निकालकर उनका तिलक किया और उन्हें राष्ट्रकार्य के लिए समर्पित कर दिया।
चंपत राय ने बताया कि कानपुर में संघ प्रचारक के रूप में रहते हुए अशोक सिंहल को सूचना मिली कि रेलगाड़ी से गायों को ले जाया जा रहा है। उन्होंने साथियों के साथ डिब्बों के ताले तोड़कर गायों को बाहर निकाला।
वह कहते हैं कि करीब 32 वर्ष संघ में कार्य करने के बाद अशोक सिंहल को विश्व हिंदू परिषद में भेजा गया। तमिलनाडु के एक गांव में बड़ी संख्या में लोगों के इस्लाम अपनाने की जानकारी मिलने पर अशोक सिंहल ने विराट हिंदू समाज के माध्यम से व्यापक स्तर पर सक्रियता बढ़ाई।
चंपत राय ने यह भी बताया कि इसी क्रम में कश्मीर के महाराजा करण सिंह समेत कई प्रमुख लोगों को जोड़ा गया और संगठन में युवाओं की भागीदारी बढ़ी। आगे सामाजिक-धार्मिक आयोजनों और संगठनात्मक गतिविधियों के जरिए इसी तरह काम जारी रखने की बातें की गईं।
स्रोत: अमर उजाला

