बदायूं। रविवार की भारी बारिश के बाद अभिगांव और ब्यौर की गोशालाओं में हाइपोथर्मिया से 103 गोवंशों की मौत के मामले की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सोमवार रात को जिलाधिकारी अवनीश राय ने छह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।
जांच में मिले निष्कर्ष के आधार पर डीएम ने अभिगांव की ग्राम पंचायत सचिव नोसी परवीन और ब्यौर सचिव पवन सक्सेना को निलंबित कर दिया। विकास खंड म्याऊं के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ज्ञानवीर और सालारपुर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुमित को तत्काल निलंबित करने की संस्तुति भी की गई है।
जांच में क्या मिला
जांच आख्या में दोनों गोशालाओं का संचालन करने वाले एनजीओ शारदा सेवा समिति और जनकल्याण एवं विकास समिति की घोर लापरवाही और सरकारी धन के दुरुपयोग के संकेत मिलने की बात कही गई है। डीएम ने बताया कि अभिगांव गोशाला शारदा सेवा समिति और ब्यौर गोशाला जनकल्याण एवं विकास समिति द्वारा संचालित थीं। दोनों एनजीओ को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
डीएम ने कहा कि गोशालाओं की स्थलीय और अभिलेखीय जांच सीडीओ गामिनी सिंगला और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर सांई आश्रित शाखमुरी ने की थी। जांच रिपोर्ट में ग्राम पंचायतों व ब्लाक के सचिवों की अनदेखी और लापरवाही भी उजागर हुई है।
डीएम ने अपर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अब्दुल रहीम व म्याऊं के बीडीओ राकेश कुमार निराला और सालारपुर के बीडीओ नितिन के विरुद्ध विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. प्रेम सिंह कोली के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव पशुपालन को पत्र लिखा गया है।
जिलेभर की सभी गोशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगवाने का फैसला भी लिया गया है। अभी जांच जारी है और आगे साप्ताहिक जांच कराई जाएगी। दोनों गोशालाओं की देखरेख अस्थायी तौर पर ग्राम पंचायत के प्रशासकों (पूर्व प्रधानों) को सौंप दी गई है।
आगे की कार्रवाई
- दो एनजीओ ब्लैकलिस्ट और कई अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू।
- जिलेभर की गोशालाओं में सीसीटीवी लगवाने के निर्देश।
- साप्ताहिक जांचें और विभागीय प्रक्रियाएं जारी रहेंगी।
स्रोत: अमर उजाला

