बदायूं। जिले में शुक्रवार रात से बारिश का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। दो दिनों में जिले में कुल 138 मिलीमीटर बारिश रेकॉर्ड की गई, जिससे शहर और आसपास के क्षेत्र गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं।
लगातार हुई बारिश से मुख्य सड़कों से लेकर मोहल्लों की गलियों तक पानी भर गया है। छह सड़का से गांधी ग्राउंड रोड तक पानी जमा होने के कारण सड़क और नाली का फर्क मिट गया। कई दुकानदार अपने ठेले और दुकाने बंद रखने को मजबूर रहे।
केंद्रित प्रभावित स्थान
नगर के निचले इलाके ज्यादा प्रभावित रहे। नेकपुर में नाला चोक होने से पानी ऊपर फ्लो होकर सड़क और आसपास के इलाके में भर गया। चोक हटवाने के लिए चेन एक्टिवेटर मशीन लगानी पड़ी और नाला खुलने के बाद पानी निकासी शुरू हो सकी।
अलापुर के प्राथमिक विद्यालय नवीन के परिसर में पानी भर गया है, जिससे बच्चों और शिक्षक दोनों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। विरौतिया गांव के स्कूल परिसर और असरासी स्थित पशु चिकित्सालय भी जलमग्न हुए हैं। ककोड़ा में साधन सहकारी समिति में भी पानी घुसने से खाद भंडार भी भीग गया है।
बारिश के चलते कई स्थानों पर पेड़ गिरने की भी खबरें मिलीं। उसहैत में 36 घंटे में हुई बारिश ने कई घरों में पानी घुसा दिया और जगह-जगह पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई। भकोड़ा गांव में पाकड़ का पेड़ भूदेव की भैंस पर गिर गया, जिससे पशु को गंभीर चोटें आईं।
किसानों ने बताया कि धान और शकरकंद की फसल कटने के लिए तैयार थी, लेकिन अचानक भारी बारिश से दो दिनों में नुकसान की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोग और ग्रामीण अधिकारियों से त्वरित नाली सफाई, पानी की निकासी और फसलों तथा जमा हुए भंडार का नुकसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
बारिश के थमने के बाद कुछ स्थानों पर पानी धीरे-धीरे घटा है, पर कई इलाकों में जलभराव अभी बना हुआ है। अधिकारियों ने कहा है कि निकासी व मरम्मत का काम जारी है और प्रभावित लोगों को सावधानी बरतने को कहा गया है।
स्रोत: अमर उजाला

