बहराइच। पुलिस की वर्दी पहन कर दुकानदारों को डराकर वसूली करने वाले चार आरोपियों को हरदी पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि वे फर्जी नंबर‑प्लेट वाली और लाल‑नीली बत्ती लगी कार में बैठकर लोगों को जबरन ले जाते और रुपये मांगते थे।
पुलिस ने आरोपियों से गांजा, असलहा, पुलिस की वर्दी, छह मोबाइल, पुलिस बैज, प्लास, रिंच, दो फर्जी नंबर प्लेट, कार और ₹8,270 नकद बरामद किए हैं। मामले की जानकारी मिलने पर सिंगिया नसीरपुर गांव के पास सरकारी नंबर वाली लाल‑नीली बत्ती लगी कार को रोका गया था।
कैसे पकड़े गए
पुलिस ने बताया कि राजी चौराहे से दो दुकानदारों को जबरन महसी की ओर ले जाने की सूचना मिली थी। रोकने पर कार चालक उपनिरीक्षक की वर्दी पहने था और वाहन के दस्तावेज व पहचान पत्र संतोषजनक तरीके से नहीं दे सका। जांच में कार पर लगी नंबर‑प्लेट फर्जी निकली और कार में बैठे दोनों दुकानदारों ने बताया कि उन्हें असलहा दिखाकर बैठाया गया था।
पूछताछ में दोनों दुकानदारों ने कहा कि आरोपियों ने पहले उन्हें गांजा दिया और फिर गांजा रखने तथा बेचने जैसे आरोप लगाकर जेल भेजने की धमकी देकर रुपये वसूल किए।
पुलिस ने आरोपियों में से एक की पहचान समर बहादुर सिंह के रूप में की है। समर बहादुर सिंह 1997 में 32वीं वाहिनी पीएसी, लखनऊ में भर्ती हुए थे। वर्ष 2019 में 35वीं वाहिनी पीएसी, लखनऊ में तैनाती के दौरान उनसे नियम‑विरुद्ध आचरण और लड़ाई‑झगड़े का कारण बताकर उन्हें जबरन सेवानिवृत्त कर दिया गया था। दूसरा पहचाना गया आरोपी श्रीप्रकाश द्विवेदी उर्फ प्रकाश दुबे है, जो वर्ष 2006 बैच का सिपाही बताया गया है।
पुलिस ने बताया कि श्रीप्रकाश के खिलाफ चार और समर के खिलाफ दो प्राथमिकी पहले से दर्ज हैं। अब चल रही प्राथमिकी में सभी चारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और आगे की जांच जारी है।
स्थानीय लोग भय और असामाजिक तत्वों की सक्रियता को लेकर चिंतित हैं। पुलिस ने लोगों से चेतावनी दी है कि किसी भी संदिग्ध वाहन या वर्दीधारी व्यक्ति की सूचना नजदीकी थाने या पुलिस को दें ताकि ऐसे मामलों पर कड़ाई से कार्रवाई की जा सके।
स्रोत: अमर उजाला

