बहराइच। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में विपक्षी दल खासकर समाजवादी पार्टी नहीं चाहते कि मुसलमानों की सियासी हिस्सेदारी बढ़े। वे दोपहर करीब दो बजे श्रावस्ती के लिए जाने से पहले बहराइच के एक होटल में पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले।
ओवैसी ने कहा कि विपक्षी दल मुसलमानों को सिर्फ वोट देने तक सीमित रखना चाहते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा- “अब्दुल सिर्फ दरी बिछाए, भइया का जिंदाबाद करे, उन्हें वोट दे और फिर अपने घर चला जाए…”
विरोधी दलों पर सीधे आरोप
ओवैसी ने बताया कि मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है और कई मस्जिदें गिराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में समुदाय को अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी के लिए आवाज उठानी होगी। करीब 30 मिनट तक कार्यकर्ताओं के बीच रहने के बाद वे श्रावस्ती के लिए रवाना हो गए।
एआईएमआईएम को भाजपा की ‘बी टीम’ बताये जाने के आरोप पर भी ओवैसी ने विपक्षी दलों को घेरा। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी भाजपा की ‘बी टीम’ है तो विपक्ष 2014, 2017, 2022 और 2024 के चुनावों में हार क्यों गया।
ओवैसी ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी सबसे पहले एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई थी, पर अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं की। हाल के दिनों में उन्होंने एसआईआर और मुस्लिम प्रतिनिधित्व के मुद्दे को बार-बार उठाया है।
स्थानीय असर और आगे क्या होगा
कार्यकर्ता खामोश नहीं रहे और ओवैसी की बातों को समर्थन मिला, जबकि राजनीतिक हलकों में बयान पर चर्चा शुरू हो गई है। आगे एआईएमआईएम की गतिविधियाँ और श्रावस्ती में प्रस्तावित जनसभा पर नजर बनी रहेगी।
स्रोत: अमर उजाला

