बहराइच। लगातार बारिश और मौसम बदलने से जिले के बच्चों की सेहत पर असर दिखाई दे रहा है। महर्षि बालार्क चिकित्सालय के बाल रोग विभाग में ओपीडी का हाल पहले से ज्यादा व्यस्त है और मरीजों की संख्या बढ़ गयी है।
चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार यहां रोजाना लगभग 300 से 350 बच्चे सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, वायरल और सांस की तकलीफ लेकर आ रहे हैं। साथ ही छोटे बच्चों में दस्त और उल्टी की शिकायतें भी बढ़ी हैं, जिससे अस्पताल का दबाव बढ़ गया है।
मौसमी असर और कारण
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके त्रिपाठी ने बताया कि तापमान में गिरावट और नमी बढ़ने से संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले से एलर्जी या सांस के रोग से जूझ रहे बच्चों पर यह मौसम अधिक खतरनाक असर डाल सकता है।
डॉ. त्रिपाठी ने अभिभावकों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समय पर पेट की तकलीफ और सांस की दिक्कतों का इलाज न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
अस्पताल ने कुछ विशेष निर्देश जारी किए हैं जिनका पालन करने से बच्चों को राहत मिल सकती है। साफ-सफाई और पोषण पर ध्यान देने के साथ बारिश में भीगने से बचाना जरूरी बताया गया है।
- बच्चों को बारिश में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने दें।
- यदि बच्चा भीग जाए, तो तुरंत उसके कपड़े बदलवाएं और उसे गीले वातावरण से दूर रखें।
- बच्चों को हमेशा साफ पानी और ताजा भोजन ही दें।
- तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ या लगातार उल्टी-दस्त होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
- यदि बच्चा बहुत अधिक सुस्त लगे, तो उसके इलाज में बिल्कुल भी देरी न करें।
अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि यदि मरीजों की संख्या और बढ़ती है तो अतिरिक्त संसाधन जुटाने की तैयारी की जाएगी। स्थानीय चिकित्सालयों से भी सहयोग की अपील की गयी है ताकि समय पर इलाज दिया जा सके।
स्रोत: अमर उजाला

