बहराइच। तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश से जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। शनिवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रभावित क्षेत्रों में जल्द आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए।
डीएम ने अधीक्षण अभियंता को मरम्मत कार्य में जरूरत के अनुसार मानव और तकनीकी संसाधन बढ़ाने का कहा। साथ ही अधिकारियों को रोजाना कार्यों की निगरानी करने और मरम्मत के काम को त्वरितता से पूरा कराने के निर्देश दिये गए। खेतों में गिरे बिजली के पोल हटाने में दिक्कत होने पर अवर अभियंता और गांव के प्रशासकों को किसानों व ग्रामीणों से समन्वय कर सहयोग लेने का भी आदेश दिया गया।
क्षति का आंकलन और संसाधन
अधीक्षण अभियंता नवीन चंद्र प्रसाद ने बताया कि आपदा में करीब 4,168 पोल, 474 ट्रांसफार्मर और अन्य विद्युत परिसंपत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। मरम्मत के लिए अभी 17 टीमें और 15 हाइड्रोलिक मशीनें लगाई गई हैं ताकि तेजी से काम चल सके।
जिले के 37 उपकेंद्रों में से 35 उपकेंद्रों की 33 केवी लाइन बहाल कर दी गई है। दो उपकेंद्रों की लाइन और 11 केवी फीडरों को चालू करने का काम जारी है। अधिकारियों ने विभिन्न उपकेंद्रों का निरीक्षण कर कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
क्षति और बचाव कार्य की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने के लिए जिलाधिकारी ने मरम्मत दलों को सबसे पहले स्कूल, अस्पताल और अन्य आपातकालीन सेवाओं की आपूर्ति बहाल करने का निर्देश दिया है। जहां पोल खेतों में गिरे हैं, वहां स्थानीय प्रशासन और किसानों को साथ मिलाकर पोल हटाने और लाइनें ठीक करने को कहा गया है।
क्या होगा आगे
अधिकारियों का कहना है कि हालात स्थिर करने के लिए रोजाना प्रगति रिपोर्ट कलेक्ट्रेट को दी जाएगी। आम लोग विफलताओं या बरबादी की सूचना जिला प्रशासन और बिजली विभाग को दें ताकि मरम्मत दल को सही दिशा में भेजा जा सके। प्रभावित इलाकों में काम तेज रहने से निकट भविष्य में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्रोत: अमर उजाला

