बलरामपुर। बेल्जियम से आया 308 पहियों वाला विशाल औद्योगिक बॉयलर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल हो गया। ट्रक की रफ्तार करीब 5 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जा रही है ताकि भारी उपकरण बिना नुकसान पहुंचे।
यह बॉयलर बलरामपुर चीनी मिल लिमिटेड की कुंभी-लखीमपुर इकाई में स्थापित किया जाएगा। चल रही ट्रक यात्रा में रास्ता खाली करने और गुजरने की सुविधा के लिए कुछ जगहों पर बिजली के खंभे व एंट्री गेट तोड़े जा रहे हैं। ट्रक के साथ विशेषज्ञों की टीम मौजूद है जो आगे की स्थिरता और सुरक्षा देख रही है।
यात्रा और समय-सारणी
वर्क टीम ने बताया कि यह भारी उपकरण पहले चंदौली और फिर वाराणसी में रुकेगा। बलरामपुर स्थित कुंभी यूनिट तक पहुंचने में कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा क्योंकि रास्ते की मरम्मत और विशेष परमिट की प्रक्रियाएँ पूरी करनी हैं। स्थानीय प्रशासन और मिल प्रशासन मार्ग की साफ-सफाई और बिजली आपूर्ति की अस्थायी व्यवस्था कर रहे हैं।
बॉयलर की ट्रांसपोर्ट-लॉजिस्टिक्स में 308 पहियों का विशेष कॉन्फिगरेशन इस्तेमाल हुआ है ताकि दबाव समान रूप से बँटे और सड़कों तथा पुलों पर अनावश्यक असर न पड़े। भारी ट्रक सामान्य रफ्तार से नहीं चलाया जा रहा। इस कारण ट्रैफिक व्यवस्थित करने के कई आयोजन किए जा रहे हैं।
प्लांट के बारे में
यह देश का पहला प्लांट होगा जो गन्ने से पर्यावरण के अनुकूल बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक (पीएलए) और को‑पोलिमर का निर्माण और अनुसंधान करेगा। कुल निवेश करीब 100 करोड़ रुपये आंका गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि प्लांट की उत्पादन क्षमता लगभग 100 टन प्रति वर्ष होगी।
स्थापना के बाद यह यूनिट सिंगल यूज़ प्लास्टिक का पर्यावरण‑अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराएगी। स्थानीय लोग और उद्योग जगत इसे अक्षय कच्चे माल पर आधारित एक नई पहल के रूप में देख रहे हैं।
अगले कुछ दिनों में मार्ग की बहाली और बॉयलर के अंतिम स्थान पर पहुंचने का काम पूरा करने की तैयारियाँ तेज कर दी गई हैं। वहां से स्थापना और आरंभिक परीक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी।
स्रोत: दैनिक जागरण

