बलरामपुर। एमपीपी इंटर कॉलेज के खेल मैदान में लगे पेड़ों के कटान के मामले में तत्कालीन नगर पालिका अधिशासी अधिकारी लालचंद्र मौर्य को अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी सुमित प्रेमी ने 28 सितंबर को दिया।
कोतवाली नगर में दर्ज शिकायत के अनुसार राजस्व टीम ने 17 जुलाई 2025 को गाटा संख्या 2350 की पैमाइश की। जांच रिपोर्ट में कुल 92 पेड़ कटे पाए गए, जिनमें 85 सागौन के पेड़ गाटा संख्या 2350 में और सात पेड़ गाटा संख्या 2349 में सड़क की भूमि पर थे। अभियोजन ने आरोप लगाया कि पेड़ों का कटान नगर पालिका की संपत्ति बताकर किया गया।
अदालत ने शर्तों के साथ जमानत दी
अदालत ने लालचंद्र मौर्य को 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि के दो विश्वसनीय प्रतिभू प्रस्तुत करने पर अग्रिम जमानत का लाभ दिया। साथ ही जमानत के दौरान न्यायालय ने निर्देश दिए कि आरोपी विवेचना और विचारण में सहयोग करेगा।
जमानत देते समय अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी गवाहों को धमकी या प्रलोभन नहीं देगा और साक्ष्यों में छेड़छाड़ नहीं करेगा। गवाहों की उपस्थिति के बावजूद किसी भी अनावश्यक स्थगन के बंधपत्र पर रोक लगाने का निर्देश भी दिया गया।
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि नगर पालिका क्षेत्र में सूखे पेड़ों की नीलामी नियमानुसार की गई थी। बचाव ने बताया कि 26 सितंबर 2024 को वन विभाग को मूल्यांकन के लिए पत्र भेजा गया था और मूल्यांकन के बाद नीलामी की प्रक्रिया पूरी की गई थी।
अभियोग पक्ष ने आरोप रखा है कि आरोपी ने पद के दुरुपयोग के तहत पेड़ों को नगर पालिका की संपत्ति बताकर कटान का आदेश जारी किया। मामले की आगे की जांच जारी है और अगला कोर्ट कारीवाई निर्धारित तिथि पर होगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों के कटने से परिसर की छाया व पर्यावरण प्रभावित हुआ है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी और अदालत के निर्देशों का पालन होगा।
स्रोत: अमर उजाला

