बलरामपुर। जिले में तीन दिनों से जारी तीव्र आंधी-बारिश के मद्देनजर जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। उन्होंने प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्बहाली का काम युद्धस्तर पर कराने के निर्देश दिए।
तीव्र हवाओं और तेज बरसात के कारण कई स्थानों पर पेड़ और विद्युत पोल गिरने की खबरें आईं और बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं। ये हालात नागरिक जीवन और रोजमर्रा के कामकाज पर असर डाल रहे हैं, इसलिए बिजली आपूर्ति को जल्द बहाल करना प्राथमिकता रखी गई है।
राहत एवं पुनर्बहाली का फोकस
जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत वन विभाग, तहसील प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, बाढ़ खंड, विद्युत विभाग और विकास विभाग को तत्काल क्षेत्र में पहुंचने के आदेश दिए हैं। प्रत्येक विभाग को आवश्यक संसाधन साथ ले जाने का निर्देश दिया गया है ताकि कटे हुए मार्ग खोलना और हटा हुआ मलबा साफ करना शुरू किया जा सके।
पुनर्बहाली कार्य के लिए जेसीबी, क्रेन, डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली, श्रमिक और अन्य जरूरी मशीनरी उपलब्ध कराने का निर्देश हुआ है। जिलाधिकारी ने कहा है कि विभाग आपस में समन्वय बनाए रखें और 24 घंटे लगातार राहत व पुनर्बहाली कार्य जारी रहे।
जिन इलाकों में बिजली बाधित है, वहां विद्युत विभाग को सबसे ऊपर प्राथमिकता दी गई है ताकि चिकित्सा, पानी और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं जल्द बहाल हो सकें। स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि किसी भी आकस्मिक स्थिति की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दी जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राहत और पुनर्बहाली कार्य में लापरवाही पाने पर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित जनता को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यक होने पर प्रशासन से समन्वय कर मदद लें और खतरे वाले स्थानों के पास न जाएं।
स्रोत: अमर उजाला

