बाराबंकी। लगातार चार दिनों तक हुई बारिश से जिले के कई इलाकों में धान, केला और गन्ने की फसल को भारी क्षति पहुंची है। खेतों में जलभराव के कारण फसलें सड़ने लगीं और कटाई के बाद रखी धान की फसल भी पानी में डूबी पाई गई।
बारिश से कोटवाधाम क्षेत्र के अकबरपुर गंगौली, भूलभूलिया, खजुरी और इब्राहिमाबाद गांवों में खास नुकसान हुआ है। बड्डूपुर क्षेत्र में किसान शारदा सहायक नहर के नियामक का गेट खोलकर पानी निकालने की कोशिश कर रहे हैं। दरियाबाद में भी धान की फसल बर्बाद हुई और तेज हवाओं से केला व गन्ने को नुकसान पहुंचा।
मुआवजे व सर्वे के निर्देश
रविवार को राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट तहसील के प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने एसडीएम अनिल कुमार सरोज और बृजेंद्र उपाध्याय के साथ किसानों से बातचीत कर नुकसान की जानकारी ली। अधिकारियों को फसल नुकसान का सर्वे कराकर रिपोर्ट शासन को भेजने और पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री ने बाड्डूपुर व अन्य प्रभावित स्थानों में खराब फसलों का भी जायजा लिया। कई जगह कच्चे मकान ढह गए और घरों में पानी घुसा हुआ है। पेड़ गिरने से बिजली व्यवस्था भी प्रभावित रही जिससे स्थानीय लोग अंधेरे व मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं।
किसानों की स्थिति और राहत का प्रयास
बारिश थमने के बाद किसान खेतों से पानी निकालने में जुट गए हैं और पानी में डूबी धान की फसल को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। किसानों रामदेव, देवी प्रसाद और महेश प्रसाद ने बताया कि लंबे समय तक पानी में रहने से धान की बालियां काली पड़ सकती हैं और पैदावार प्रभावित होगी।
किसानों ने यह भी कहा कि धान गिरने से कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं, जिससे नुकसान और बढ़ने का खतरा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा किए जा रहे सर्वे व मुआवजे की प्रक्रिया आगे की राहत के लिए निर्णायक मानी जा रही है।
स्रोत: अमर उजाला

