बाराबंकी। जिला अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड को 150 बेड का करने की तैयारी तेज हो गई है। अस्पताल प्रशासन ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार करना शुरू कर दिया है और इसके शीघ्र क्रियान्वयन की योजना बनाई जा रही है।
फिलहाल इमरजेंसी में सिर्फ 40 बेड हैं और इनमें से एक भी बिस्तर अक्सर खाली नहीं रहता। अस्पताल में प्रतिदिन 250 से 300 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। मरीजों की संख्या के मुकाबले बेड कम होने से हर दिन 10 से 12 मरीजों को बेड न मिलने पर दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है।
मौजूदा दबाव और कारण
बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने से समस्या और गहरी हुई है। खासकर रात के समय इमरजेंसी में भीड़ ज्यादा रहती है और गंभीर मरीजों को भी बेड न मिलने पर रेफर करना पड़ता है। इससे तीमारदारों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि तत्कालीन सीडीओ अन्ना सुदन के निर्देश पर पहले इमरजेंसी में 10 बेड बढ़ाए गए थे। यह बढ़ोतरी भी मौजूद मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई। इसलिए अब अधिक बिस्तरों की व्यवस्था के लिए स्थायी समाधानों पर काम चल रहा है।
इमरजेंसी के पास खाली पड़ी जमीन पर बहुमंजिला भवन बनाकर बेडों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। अस्पताल के सामने बने पार्क की भूमि का भी वार्ड निर्माण में उपयोग पर विचार हो रहा है।
प्रस्ताव को जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। “जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद इसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।” -डॉ. जेपी मौर्य, सीएमएस, जिला अस्पताल
बढ़े हुए बेड मिलने पर मरीजों को तात्कालिक राहत मिलने की उम्मीद है और नजदीकी अस्पतालों पर रेफर करने का दबाव कम होगा। प्रशासन ने निकट भविष्य में प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर अगली कार्रवाई शुरू करने का भरोसा दिया है।
स्रोत: अमर उजाला

