मंडावर। बिजनौर-हरिद्वार मार्ग पर नगर पंचायत मंडावर की नगरीय जल निकासी योजना के तहत बनने वाले नाले घटिया निर्माण की भेंट चढ़ गए हैं। ग्रामीण और शहर दोनों हिस्सों के लोग हालिया ढहते नालों को देखकर नाराज हैं और प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
नगर पंचायत मंडावर ने करीब एक करोड़ रुपये की लागत से कुल 14 नालों का निर्माण कराया जा रहा है। योजना के कुछ नाले बन चुके हैं जबकि कुछ निर्माणाधीन हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, इसलिए कई नाले बनते ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं।
नालों का हाल और नागरिकों की मांग
मंडावर के बिजली घर के पास बना एक नाला हाल ही में पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। यह नाला लाखों रुपये की लागत से बनाया गया था। क्षेत्रीय नागरिकों ने नाले की गिरावट को गंभीर माना और कहा कि ऐसे निर्माण से जल निकासी का मकसद पूरा नहीं होगा।
राजकुमार वाल्मीकि ने कहा, “नाला निर्माण में लगाई गई घटिया निर्माण सामग्री के कारण नाले का बड़ा भाग ध्वस्त होने पर चिंता व्यक्त की।” जावेद सिद्दीकी ने बताया, “जल निकासी की समस्या आम जनता से जुड़ी है। नाला निर्माण को काफी प्रयास के बाद स्वीकृति और धनराशि मिलती है। ऐसे निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”
मोहित पुष्पक का कहना है, “मंडावर पंचायत द्वारा ऐसे नालों का निर्माण कराने से कोई फायदा नहीं, जो बनते ही टूट रहे हैं।” सचिन अग्रवाल ने भी कहा कि मंडावर-बिजनौर मार्ग पर दोनों तरफ बन रहे नालों की गुणवत्ता की जांच और ध्वस्त हुए नालों पर कार्रवाई जरूरी है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
उप जिलाधिकारी स्मृति मिश्रा ने कहा, “नगरीय जल निकासी योजना में बनाए जा रहे नालों के ध्वस्त होने और गुणवत्ता ठीक नहीं होने की शिकायत मिली है। शीघ्र जांच करा कार्रवाई की जाएगी।” स्थानीय लोग चाहते हैं कि जांच निष्पक्ष हो और दोषियों के विरुद्ध ठोस कदम उठाए जाएं।
स्रोत: अमर उजाला

