बिजनौर। वाजिदपुर के पास आतिशबाजी फैक्ट्री के अवशेष में हुए विस्फोट में गंभीर रूप से झुलसे 12 वर्षीय रोहन की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में शुक्रवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। उसकी हालत बिगड़ने के बाद पहले दोनों घायलों को जिला अस्पताल लाया गया था और फिर चिकित्सकों ने उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया था।
घटना में रोहन के भाई रोहित भी घायल हैं और उनका इलाज अभी जारी है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद रोहन का शव गांव पहुंचने की संभावना है। मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मची हुई है और परिजन गम में डूबे हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपितों की स्थिति
मृतक के पिता चंद्रवीर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने युसुफ, गुफरान, खुर्शीद, रिजवान निवासी नहटौर और मुकेश निवासी नूरपुर छीपरी समेत दस अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में एक आरोपी मुकेश को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है और उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक मामले से जुड़े दो आरोपी पहले से ही जेल में हैं; उन पर हेमपुर दीपा प्रकरण में मानक से अधिक विस्फोटक रखने के आरोप हैं। सीओ अफजलगढ़ आलोक कुमार ने बताया कि आरोपी रिजवान विदेश में है जबकि खुर्शीद अभी फरार चल रहा है।
जांच के हिस्से के रूप में पुलिस ने दिया फायर वर्क्स और टीके फायर वर्क्स इंडियन नामक आतिशबाजी फैक्ट्री को सील कर दिया है। वहां से अवशेषों का निस्तारण और घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
गाँव के लोगों का कहना है कि यदि फैक्ट्री के अवशेषों का समय रहते सुरक्षित निस्तारण किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई है और पुलिस से जल्द निष्कर्ष की उम्मीद व्यक्त की है।
पुलिस अभी पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और आगे के कानूनी कदमों के बारे में जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार और विधिक कार्यवाही कब होगी, इसके बारे में परिजन और प्रशासन मिलकर निर्णय लेंगे।
स्रोत: अमर उजाला

