महोबा। जिले के पीएमश्री स्कूलों में अब विज्ञान और गणित गार्डन बनाए जाएंगे। यह पहल बच्चों को प्रयोगात्मक और दृश्यात्मक तरीकों से पढ़ाई समझाने के लिए है और इसे दिसंबर तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। गार्डन में उन मॉडल्स को जगह दी जाएगी जो सीधे विज्ञान व गणित की अवधारणाओं को दर्शाते हैं, ताकि छात्र जमीनी हकीकत देखकर सीख सकें।
प्रोजेक्ट विवरण
विज्ञान गार्डन में सौरमंडल (सोलर सिस्टम) का मॉडल होगा जिससे बच्चे सूर्य और ग्रहों के बारे में आसानी से जान सकेंगे। गणित गार्डन में कोण मॉडल व दूरी मापक लगाए जाएंगे ताकि कोण, मिलीमीटर, सेंटीमीटर, मीटर व किलोमीटर जैसी इकाइयों की व्यावहारिक समझ बन सके।
गार्डन में किए जाने वाले प्रमुख मॉडल इस प्रकार हैं:
- सोलर सिस्टम
- ट्रैफिक टावर
- दिशा टावर
- दूरी मापक
- कोण प्रदर्शन
- फिजिकल बैलेंस
- अबेकस
- एक्स-वाई जियोबोर्ड
- कृत्रिम मानव
- ड्रोन मॉडल
- एआर चार्ट
ड्रोन मॉडल से बच्चे ड्रोन के प्रमुख हिस्सों और उसके काम करने के तरीके को समझ सकेंगे। एआर चार्ट के जरिये मानव विकास तथा सौरमंडल की जानकारी अधिक प्रभावी तरीके से दी जाएगी। फिजिकल बैलेंस और अबेकस जैसे उपकरण गणित के व्यावहारिक सिद्धांतों को स्पष्ट करेंगे।
प्रभाव व अगले कदम
इन गार्डनों का मकसद विद्यार्थी के ज्ञान को किताबों से आगे बढ़ाकर अनुभवपरक बनाना है। स्कूलों में मौजूद गार्डन केवल अपने छात्रों के लिए नहीं होंगे; जिले के दूसरे विद्यालयों के विद्यार्थी भी इन्हें देखकर शैक्षिक भ्रमण कर सकेंगे।
अब प्रशासन और शिक्षा विभाग को निर्माण व मॉडलों की आपूर्ति का समयबद्ध प्लान बनाना होगा ताकि निर्धारित समय, यानी दिसंबर तक, यह परियोजना पूरी हो सके।
स्रोत: अमर उजाला

