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बुलंदशहर: जेवर बस हादसे में ओमप्रकाश (35) की लॉकेट से पहचान, गांव में मातम

छतारी के कीरतपुर निवासी ओमप्रकाश के शव की पहचान गले में लगे लॉकेट से हुई; पत्नी सीमा और मां गम में बेसुध हैं, तीन बच्चे अनाथ हुए।

बुलंदशहर: जेवर बस हादसे में ओमप्रकाश (35) की लॉकेट से पहचान, गांव में मातम
फोटो: अमर उजाला

बुलंदशहर। जेवर बस हादसे में एक मृतक की पहचान छतारी तहसील के कीरतपुर गांव निवासी ओमप्रकाश (35) के रूप में हुई है। 23 सितंबर को जीती हुई बस में आग लगने के बाद झुलसे शवों को पोस्टमार्टम हाउस लाया गया था।

पहचान और शव लौटना

पुलिस और प्रशासन ने पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद शवों की पहचान के लिए परिजनों से संपर्क किया। शुक्रवार को पुलिस ने ओमप्रकाश की पत्नी सीमा को बुलाया और शव के साथ मिले गले में लगे लॉकेट व शरीर पर अन्य निशानों की मदद से उनकी पहचान करवाई।

पोस्टमार्टम के बाद परिवार के सदस्य नोएडा व छतारी से पहुंचे। शाम को शव को गांव ले जाया गया जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।

थान सिंह ने बताया कि ओमप्रकाश अपने परिवार के साथ ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में रहते थे। वह ठेकेदारी का काम करते थे और परिवार का पालन-पोषण करते थे। कुछ दिनों पहले ओमप्रकाश के छोटे भाई की सास की मौत हुई थी, इसलिए वह बिहार के महोबा क्षेत्र में गमगीन परिवार से मिलने जा रहे थे।

परिवार और समुदाय पर असर

ओमप्रकाश के पीछे तीन बच्चे बचे हैं, बड़ी बेटी मानवी (16), बेटा विवेक (14) और छोटा बेटा यश (12)। पत्नी सीमा और मां घटना के बाद बेसुध हैं और फिलहाल किसी से बात नहीं कर रही। गांव के लोग शोक में डूबे हुए हैं और परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस पोस्टमार्टम व परिजनों से पहचान कराने का काम कर रही थी। आगे का दाह-संबंधी, अंतिम संस्कार और मुआवजे संबंधी प्रक्रियाएँ परिवार व स्थानीय अधिकारियों के समन्वय से पूरी की जाएंगी।

स्रोत: अमर उजाला

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Alok Kumar

Alok Kumar

कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।