बुलंदशहर। समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार से “लोकतंत्र बचाओ सप्ताह” और “वोट बचाओ देश बचाओ” अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी ने कहा कि चार अक्तूबर को चुनाव आयुक्त की नीतियों के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा।
सपा जिलाध्यक्ष मतलूब अली ने बैठक में बताया कि यह आंदोलन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसआईआर में काफी धांधली हुई और इसी के विरोध में प्रदेशभर में यह अभियान चलाया जा रहा है।
आंदोलन के कार्यक्रम और व्यवस्था
पहले दिन वोटो की चोरी और वोट बचाने जैसे मुद्दे उठाए गए। दूसरे दिन, यानी शनिवार को, हर विधानसभा स्तर पर बैठक कर पैदल मार्च की योजना बनाई जाएगी। तीसरे दिन रविवार को जिला स्तर पर पार्टी कार्यालय से डॉ. भीमराव आंबेडकर व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पैदल मार्च निकाला जाएगा और वहां भारतीय चुनाव आयुक्त की नीतियों का विरोध कर पुतला दहन किया जाएगा।
जिला महासचिव कृष्णपाल यादव ने बताया कि आंदोलन के लिए सभी विधानसभा पर प्रभारी नियुक्त कर दिए गए हैं और सभी से प्रतिभाग करने को कहा गया है। उन्होंने अनुच्छेद 326 का जिक्र करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र में आम नागरिक की भागीदारी का संवैधानिक आधारशिला है और वोट की सुरक्षा मतदाता के अधिकार की सुरक्षा है।
आंदोलन के दौरान कई स्थानीय नेता और पूर्व विधायक मौजूद रहे। पार्टी ने उपस्थित नेताओं की सूची में पूर्व विधायक चौधरी होशियार सिंह, बंशी पहाड़िया, गजराज नागर, हाजी अख्तर, अन्नू चौधरी और लोधी चरन सिंह राजपूत के नाम रखे हैं।
- अन्य मौजूद नेता: योगेश प्रधान, चौधरी चन्द्रपाल सिंह, विकास चौधरी, फिरे सिंह प्रजापति, आदिल जलीस, हुसैन अली
पार्टी का कहना है कि यह अभियान जिले में मतदाता जागरूकता और वोट की सुरक्षा पर केंद्रित होगा। आगे की रणनीति और आंदोलन के अगले चरणों की जानकारी पार्टी समय-समय पर देगी।
स्रोत: अमर उजाला

